कमिश्नर अंकल! आपने तो प्रॉमिस किया था, फिर क्यूं हुआ ऐसा? नयी दिल्ली (अंकुर कुमार श्रीवास्तव)। महज चार महीने पहले दिल्ली के 16 दिसंबर ने पूरे देश को खौला दिया था। फेसबुक, ट्विटर, अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट और सड़क से लेकर संसद तक विरोध था। तब अपनी दिलदार दिल्ली के कमिश्नर साहब ...
ब्लैक फ्राइडे की 20वीं बरसी: आज भी जिंदा है लाशों को बिछाने वाला मुंबई। तारीख- 12 मार्च 1993, दिन- शुक्रवार, जगह- देश की आर्थिक राजधानी मुंबई। जी हां ये वो तारीख है जिसे भारत के इतिहास में ब्लैक फ्राइडे के नाम से जाना जाता ...
महिला दिवस विशेष: हमला जो जिस्म और आत्मा को भी जला देता है (अंकुर कुमार श्रीवास्तव)। वह ऊर्जा है, ऊष्मा है, प्रकृति है और पृथ्वी है। क्योंकि वहीं तो आधी दुनिया और पूरी स्त्री है।। आज आठ मार्च है या...
जुर्म के 'राजा भैया' ने ले ली जिया उल हक की बलि (अंकुर कुमार श्रीवास्तव)। सच पूछिए तो पहले हमें भी अंदाजा नहीं था कि जिस देश को बेइमानी, भ्रष्टाचार और बाहूबली नेताओं की अदागीरी का दीमक लगातार खो...
युवाओं में क्यों और कब पनपता है क्राइम? संघर्षों के साए में असली आजादी पलती है,इतिहास उधर मुड जाता है, जिस ओर जवानी चलती है। नई दिल्ली। जी हां अपने माद्दे से इतिहास बदलने वाले और कई क्रांतिका...
पाकिस्तानी सेना में आज भी जिंदा हैं 'हेड हंटर्स' नयी दिल्ली (अंकुर कुमार श्रीवास्तव)। 19वीं सदी में कबीलों की लड़ाई में अपने दुश्मन के सिर को ट्रॉफी समझकर ले जाने वाले ''हेड हंटर्स'' आज भी पाकिस्&am...
जानिए कब-कब पाकिस्तान ने दिखाया अपना नापाक चेहरा उसी को मिलता है एज़ाज़ भी ज़माने में,बहन के सर से जो चादर उतार लेता है,अमीर-ए-शहर की हमदर्दियों से बच के रहो,ये सर से बोझ नहीं सर उतार लेता है। हिंदुस्तान की ...
मत भूलना 'मुझे' और ना ही बुझने देना ये मशाल नई दिल्ली। (अंकुर कुमार श्रीवास्तव)- "मर तो मैं 16 दिसंबर की उस रात ही गई थी बस की पिछली सीट पर, और कल मेरा वो जिस्म भी राख हो गया जिसके चलते मैं मरी ह...
दिल्ली गैंगरेप: प्रदर्शनकारियों पर एक्सपायरी आसूं गैस के गोले छोड़ रही है पुलिस नयी दिल्ली (अंकुर कुमार श्रीवास्तव)। इस कड़कड़ाती सर्दी के मौसम में अगर दिल्ली के माथे से परेशानी के पसीने की बूंदें टपक रही हैं, तो उसकी भी एक वजह ...
उसे जीना होगा और जीतना होगा ताकि वो खुद करे दरिंदों का खात्मा नयी दिल्ली (अंकुर कुमार श्रीवास्तव)। जिस्म जख्मी है, सांसें मशीनों के सहारे, ज़ुबान खामोश क्योंकि मशीनों ने मुंह बंद कर रखा है... खाना खा नहीं सकती क...