
नई दिल्ली। लोकपाल बिल के लिये जंग में कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले अरविंद केजरीवाल को अन्ना हजारे ने खुद से पूरी तरह अलग कर दिया। उन्होंने उनसे सारे रिश्ते नाते तोड़ कर अब योग गुरु बाबा रामदेव से हाथ मिला लिया है। जी हां ऐसी ही सुगबुगाहट पैदा हुई जब अन्ना बुधवार की रात बाबा रामदेव से मिलने पहुंचे। खबर है कि इस बैठक में पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह भी मौजूद थे।
यह मीटिंग दिल्ली के गोल्फ लिंक में हुई। अन्ना ने बाबा से मुलाकात केजरीवाल से नाता तोड़ने के तुरंत बाद की। रामदेव के प्रवक्ता प्रमोद जोशी ने इस बात की तो पुष्टि कर दी कि यह मुलाकात हुई है, लेकिन मुलाकात में क्या हुआ, यह उन्होंने बताने से इंकार कर दिया।
इस गुपचुप मुलाकात से साफ है कि अन्ना अब बाबा के कंधे पर बंदूक रखकर यूपीए सरकार पर गोलियां चलाने के मूड में हैं, क्योंकि केजरीवाल उनकी टीम के अर्जुन थे और अर्जुन के बगैर महाभारत कैसे जीतनी है, यह अन्ना के लिये टेढ़ी खीर है।
ज्ञात हो कि गुरुवार देर शाम अन्ना ने ऐलान किया कि उनका केजरीवाल के साथ कोई नाता नहीं है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि केजरीवाल अपने कार्यक्रमों में अन्ना के पोस्टर तक नहीं लगा सकते हैं। असल में अन्ना राजनीतिक पार्टी नहीं बनाना चाहते हैं, वहीं केजरीवाल, प्रशांत भूषण और शांति भूषण राजनीतिक पार्टी बनाकर संसद में आना चाहते हैं।


















