क्या कभी आपने सोचा है कि कंडोम के विज्ञापन में बैंगनी, पिंक, रेड या काले रंगो का प्रयोग क्यों किया जाता है ,क्यों नहीं इस तरह के विज्ञापनों में लोग सफेद या पीले रंग का प्रयोग करते हैं, तो चलिए आज से जान लीजिये, ऐसा क्यों होता हैं?
दरअसल जिस तरह से रंगो का असर हमारे स्वभाव, हमारे व्यवहार और हमारी राशियों पर पड़ता है उसी तरह से हमारे सेक्स लाइफ पर भी पड़ता है। यह बात एक ब्रिटिश रिसर्च में सामने आयी है। यह ब्रिटिश शोध एक सर्वे पर आधारित है। जिसमें कहा गया है कि रंगो से इंसान की निजी रिश्ते रोशन होते हैं। इस सर्वे के मुताबिक इंसान के बेडरूम के लिए पर्पल कलर सबसे अच्छा होता है।
यह पति-पत्नी को उत्तेजित होने के लिए प्रेरित करता है। इसलिए जिन लोगों के शयनकक्ष में बैंगनी रंग होता है वो अपने निजी रिश्ते से काफी संतुष्ट होते हैं। यह सर्वे लगभग 2000 लोगों पर किया गया है उसके बाद यह रिपोर्ट सामने रखी गयी है। इस सर्वे में यह भी कहा गया है कि अगर आपके बेडरूम में सूती चादरों के बजाय सिल्क की चादरें हो तो यह आपके सेक्स लाईफ को और भी संतुष्टी भरा और सुंदर बनायेंगी। इसलिए सेक्स की पूर्ति के लिए पर्पल दीवारें, सिल्क की चादर और पर्पल रजाई सबसे बढ़िया कांबिनेशन हैं।
पर्पल तो बेस्ट कलर होता है लेकिन इसके अलावा रेड, स्काई ब्लू, पिंक, ब्लैक, नेवी ब्लू, ग्रीन और ग्रे का भी प्रयोग बेडरूम में कर सकते हैं। यह रंग भी आपकी सेक्स लाइफ को बेहतर बनायेंगे।



















