नई दिल्ली। शुक्रवार को एफडीआई पर फैसला क्या आया जैसे भूचाल आ गया। सपा और तृणमूल ने खुलकर मनमोहन सरकार पर हमला बोल दिया लेकिन पीएम मनमोहन सिंह इस बार भी हंगामे पर चुप हैं। उल्टा शनिवार को उन्होंने अपने फैसले पर खुशी जताई और कहा जहां देश आर्थिक संकट से गुजर रहा है। वहां पर उठाया सरकार की ओर से यह कदम काफी सराहनीय है। हमें तो अपने सरकार की तारीफ करनी चाहिए।
योजना आयोग की बैठक के दौरान पीएम मनमोहन सिंह के कहा कि शतप्रतिशत है कि एफडीआई से देश की वित्तिय समस्याएं सुधर जायेंगी। लोगों को रोजगार मिलेगा। सरकार जनता के उज्जवल भविष्य के बारे में सोच रही है इसलिए उसने यह फैसला लिया है और वो अपना फैसला वापस नहीं लेगी। यही नहीं सरकार ने डीजल के दामों की बढोत्तरी को भी सही ठहराया।
मालूम हो कि एफडीआई मुद्दे पर सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह और ममता बैनर्जी ने तत्काल फैसला वापस लेने को कहा है और कहा है कि अगर सरकार उनकी बात नहीं मानते हैं तो यह सरकार के लिए अच्छा नहीं होगा।
गौरतलब है कि विदेशी निवेश पर कैबिनेट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला करते हुए रीटेल में एफडीआई को मंजूरी दे दी । यह मंजूरी 51 प्रतिशत की है। सरकार ने 5 सार्वजनिक कंपनियों हिंदुस्तान कॉपर, नाल्को, ऑयल इंडिया लिमिटेड के विनिवेश को हरी झंडी दे दी है।



















