
नई दिल्ली। महंगाई और भ्रष्टाचार के आरोपों से चौतरफा घिरी यूपीए सरकार पर शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने तीखा वार करते हुए डीजल के दाम में बढ़ोत्तरी को आतंकी हमले जैसा करार दिया। ठाकरे ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा डीजल के दाम में बढ़ोतरी देश के लिए ‘आतंकी हमले' से कम नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने संप्रग के सहयोगी दलों से सरकार से हटने का आह्वान किया है।
ठाकरे ने शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में प्रकाशित एक लेख में कहा कि पाकिस्तानी आतंकी कसाब ने तो 200 भारतीयों को मारा था, लेकिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिह और सोनिया गांधी की नीतियों से लगभग 30 करोड़ लोग तबाह हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूपीए के सहयोगी दलों को अपना समर्थन वापस ले लेना चाहिए। तृणमूल कांग्रेस, राकांपा और द्रमुक को सरकार से अलग होकर यह संदेश देना चाहिए कि वे सच्चाई के साथ जनता के समर्थन में हैं।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी समेत कई नेता मूल्यवृद्धि का कड़ा विरोध कर रहे हैं, उनको सरकार से हटकर आवाज बुलंद करनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है, तो उनका विरोध केवल जनता के समर्थन का दिखावा है। द्रमुक और एनसीपी ने मूल्यवृद्धि का विरोध करके लोगों के झूठे समर्थन का भ्रम फैलाया है। सरकार ने डीजल और घरेलू गैस के दाम बढ़ाकर लोगों को मौत के मुंह में ढकेलने का काम किया है।


















