
नई दिल्ली। कमर तोड़ महंगाई ने इंसान का जीना मुहाल कर दिया है। सब्जियां, फल तो वैसे ही एक आम आदमी की पहुंच से दूर हो रहे हैं वहीं गुरूवार रात से डीजल और एलपीजी पर चले सराकारी चाबुक ने लोगों को परेशान कर दिया है। गुरूवार को मनमोहन सिंह कैबिनेट ने बड़ा फैसला किया है। सरकार ने डीजल के दाम में भारी इजाफा किया है। अब डीजल पांच रूपये प्रति लीटर महंगा हो गया है।
वहीं घर के रसोई पर भी सरकार की ओर कड़ा फैसला लिया गया है। अब लोगों को सस्ते दाम पर केवल 6 एलपीजी ही मिलेंगे। 7वें एलपीजी के उन्हें बाजार भाव देने पड़ेंगे। अगर मौजूदा दाम के हिसाब से जोड़ा जाये तो इस समय 7वां एलपीजी सिलेंडर 746 रूपये में मिलेगा। फिलहाल सरकार ने डीजल और एलपीजी पर अपना फैसला सुनाया है। पैट्रोल, मिट्टी के तेल और रसोई गैस की कीमत नहीं बढ़ाई गयी है।
सरकार के निर्णय को ही ठहराते हुए पैट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने कहा दाम बढ़ाना और सिलेंडर को सीमित करना जरूरी था। आर्थिक स्तर संभालने के लिए हमें ऐसा करना पड़ा। सरकार का यह फैसला आधी रात से लागू भी हो गया है।
जैसे ही सरकार के फैसले की खबर टीवी चैनलों पर प्रसारित हुई। आम लोगों में गुस्सा देखा गया। लोगों का कहना था कि अगर डीजल महंगा हुआ है तो ऑटोमेटिकली बहुत सारी चीजें महंगी हो जायेंगी। बस का किराया, खाने-पीने की चीजों के अपने-आप दाम बढ़ जायेंगे। सरकार आम आदमी का हाल समझ नहीं रही है जो कि एक दुख का विषय है।


















