
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने सपा पर अपनी बात से पलटने का आरोप लगाया। प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेई ने कहा कि राहुल गांधी पर आरोप सपा के पूर्व विधायक किशोर समरिते ने लगाया है। उनकी वकील कामिनी जयसवाल ने सर्वोच्चय न्यायालय को बताया कि मेरे मुवक्किल पूर्व सपा विधायक ने यूपी के मौजूदा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कहने पर उनके दिल्ली स्थित पंडारा रोड़ आवास पर इस सम्बंध में रणनीति तैयार की थी। उसके बाद राहुल गांधी के खिलाफ याचिका दायर की गई। बाजपेई ने कहा कि कोर्ट में दिए गए हलफनामें में कहा गया है कि सपा नेताओं के कहने पर ही पूर्व सपा विधायक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
लक्ष्मीकांत बाजपेई ने कहा कि अब सपा का इसको षडयंत्र कहना यह साबित करता है कि सपा के नेता षडयन्त्रकारी है। उस समय कांग्रेस व सपा की रार थी अब प्यार है। इससे दोनों पाटियों सपा व कांग्रेस के गठजोड़ की एक बार फिर पोल खुल गई है। इसके पूर्व परमाणु करार पर सपा ने कम्यूनिष्ट पार्टी को धोखा दिया। राष्ट्रपति चुनाव में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को धोखा दिया। बाजपेई ने पूछा है कि क्या इनके पिछे भी कोई षडयन्त्र था या सपा का यही चरित्र बन गया है कि अपनी कही बातों से मुंह चराते रहों।
बाजपेई ने कहा कि सपा को अपने पूर्व विधायक का साथ देना चाहिये की उसको फंसाना चाहिए। लक्ष्मीकांत बाजपेई ने कहा कि सपा को सीबीआई का डर सता रहा है क्योकि आय से अधिक सम्पत्ति की जांच पूरी हो चुकी है। मालूम हो कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को सर्वोच्य न्यायलय में दी गई चुनौती के संबंध में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए वकील ने बताया कि वर्ष 2011 में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ बलात्कार और लड़की को बंधक बनाकर रखने के संबंध में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जो मामला दाखिल किया गया था वह समाजवादी पार्टी (सपा) नेता अखिलेश यादव के इशारे पर हुआ था, जो कि अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं।


















