
वॉशिंग्टन। आज से 11 साल पहले अमेरिका में कुछ ऐसा घटा जिसने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया। देश के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका की नाक के नीचे इतना बड़ा धमाका हुआ जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। जिन लोगों ने इसे प्रत्यक्ष रूप से देखा है उनके रोंगटे आज भी उस खतरनाक मंजर को याद करके खड़े हो जाते हैं। आज 9/11 हमले की 11वीं बरसी है। इस भयानक घटना को अंजाम देने वाला आतंकी ओसामा बिन लादेन भी आज जिंदा नहीं है। इस घटना में करीब 3000 हजार लोग मारे गए थे।
पिछले 11 साल में अमेरिका ने बहुत कुछ सीखा और सिखाया भी है। लेकिन फिर भी अमेरिका ने अपने आप को फिर से मजबूत कर लिया और साबित कर दिया कि उससे उलझना आसान नहीं है। पिछले साल 1 मई 2011 की रात को अमेरिका ने लादेन को मार कर दहशत पर विजय प्राप्त की। जिसे अमेरिका ने आप्रेशन लादेन नाम दिया। पिछले चार सालों से अमेरिका की कमान एक इतिहास रचने वाले लेखक बराक ओबामा के हाथ में हैं।
विश्व में शांति का पैगाम देने वाले ओबामा के पास केवल एक ही सफलता है और वो है ओसामा बिन लादेन की मौत। अपने इसी अस्त्र के बदौलत ओबामा एक बार फिर से राष्ट्रपति चुनाव लड़ने को तैयार है। अपने विरोधियों के निशाने पर आये बराक ओबामा को आर्थिक मंदी का कारण बताया जा रहा है। लेकिन देश की जनता आज के दिन लादेन के खात्मे के लिए ओबामा को धन्यवाद कर रही है।
अंग्रेजी चैनल पर प्रसारित खबर में अमेरिका के एक किताब विक्रेता जिसने 9/11 के हमले में अपनी मां को खोया था ने कहा कि ओबामा ने भले ही पिछले चार साल में अमेरिका में कुछ नहीं किया हो। विकिलिक्स के खुलासों में उनकी असमर्थता जाहिर होती हो लेकिन उन्होंने लादेन को मार कर अमेरिका समेत पूरी दुनिया पर उपकार किया है। क्योंकि आतंकवादियों को जिंदा नहीं छोड़ना चाहिए। आंतक केवल दुख और विनाश देता है। आज 9/11 की 11वीं बरसी है। आज मैं काफी सकून महसूस कर रहा हूं। इसके लिए मैं बराक ओबामा का शुक्रिया अदा करता हूं और उम्मीद करता हूं कि ओबामा का यही उपकार उन्हें दोबारा राष्ट्रपति बनायेगा। गौरतलब है कि अमेरिका में नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं।
यह है आम आदमी की सोच..जिसने बराक ओबामा को लादेन की मौत के लिए धन्यवाद दिया है। देखना दिलचस्प होगा कि क्या लादेन की मौत ओबामा को फिर से राष्ट्रपति बनवा पायेगी और लादेन मरने के बाद ओबामा के लिए ब्रह्मस्त्र साबित होगा?


















