
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। आप देश की राजधानी दिल्ली में रहने पर फक्र महसूस करते है? अगर हां तो फिर एक सच सुन लीजिए याकिनन आप कांप उठेंगे। हमारी दिल्ली अब हमारे और आपके लिये महफूज नहीं रही। दिल्ली अब डराने लगी है। जी हां पल-पल आधुनिक तेवरों और कलेवरों में संवरती देश की राजधानी दिल्ली इन दिनों एक के बाद एक हत्याओं से दहशत में है।
सीधे शब्दों में कहें तो अपराध की डरावनी तस्वीरों से कांप रही है दिल्ली। इस दिल वालों की दिल्ली लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं। सड़क पर कब किस वक्त किसकी हत्या हो जाये कुछ कहा नहीं जा सकता। पुलिस का खौफ बदमाशों के अंदर से पूरी तरह समाप्त हो चुका है तभी तो अब दिल्ली को लोग देश राजधानी नहीं बल्कि अपराध की राजधानी कहने लगे हैं।
ज्यादा दूर की बात ना करते हुए अभी चंद घंटे पहले की बात करते हैं। रिक्शे पर सवार एक 31 वर्षीया महिला की मोटरसाइकिल से पहुंचे दो आदमियों ने बीच बाजार गोली मारकर हत्या कर दी। महिला रिक्शे से अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने के लिए जा रही थी। पुलिस ने बताया कि पश्चिमी दिल्ली के रोहिणी इलाके में बवाना निवासी मीनाक्षी की सुबह 9 बजे के करीब गोली मारकर हत्या कर दी गई।
इतना ही नहीं सोमवार की रात बदमाशों ने दिल्ली पुलिस के एक ऑन ड्यूटी कांस्टेबल की चाकू मारकर हत्या कर दी। सोमवार को ही एक युवती की सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई। आज से एक हफ्ते पहले की घटना तो याद ही होगी जब दो अलग-अलग इलाकों में एकतरफा प्रेम को लेकर 11 हत्याएं हुई थी।
ऐसा नहीं कि दो या तीन दिन की घटनाओं को लेकर हम ऐसा कह रहे हैं। दिल्ली पुलिस से मिले आंकड़े पूरी कहानी बयान कर रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले साल 1 जनवरी से 3 सितंबर तक सेंधमारी के 1027 मुकदमे दर्ज किये गये थे वहीं इस साल अबतक 1147 मुकदमें दर्ज किये गये हैं। यानि कि 12 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। इस साल हत्या और हत्या के प्रयासों में भी बढ़ोत्तरी हुई है। पिछले साल इस अवधि में हत्या के प्रयास के 268 मामले दर्ज हुए थे मगर इस साल 285 मामले दर्ज किये गये हैं। इसी प्रकार इस साल अबतक 300 से ज्यादा हत्या के मुकदमें दर्ज किये जा चुके हैं।


















