
इस्लामाबाद। भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में सुधार के लिये दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने शनिवार को मुलाकात की है। एसएम कृष्णा और हिना रब्बानी खार की इस मुलाकात में आतंकवाद ही प्रमुख मुद्दा रहा। साथ ही उदारवादी नीतियों के तहत विशेष वीज़ा पर सहमति दी गई है, जिसके तहत दोनों देशों के लोग आसानी से आ-जा सकेंगे।
रब्बानी और कृष्णा की इस मुलाकात में दोनों देशों के अधिकारी भी आमने-सामने थे। भारतीय अधिकारी के मुताबिक भारत के लिये सबसे बड़ा मुद्दा तो आतंकवाद रहा, कयोंकि मुंबई आतंकी हमले के पीडि़तों को अभी तक न्याय नहीं मिल सका है। भारत का अहम सवाल था कि 26/11 हमले के जिन आरोपियों के नाम भारत ने भेजे हैं, उनके खिलाफ जांच और कोर्ट में केस की रफ्तार इतनी धीमी क्यों है। इस पर फिलहाल पाकिस्तान की ओर से उचित कार्रवाई करने की बात कही गई है।
इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच नया अनुबंध किया गया, जिसके अंतर्गत दोनों देश पर्यटकों को टूरिस्ट वीज़ा प्रदान करेंगे। इसमें 10 से 15 लोग एक साथ आ-जा सकेंगे। इसके अलावा 65 वर्ष की आयु से अधिक लोगों को वीज़ा में रियायतें दी जायेंगी।
विदेश सचिव रंजन मथाई और पाकिस्तान के सचिव जलील अब्बास जिलानी भी इस दौरान वहां मौजूद थे।
हम आपको बता दें कि इस मुलाकात के पहले कृष्णा को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ व कई नेताओं के साथ भोज पर आमंत्रित किया गया था।
पिछले दो वर्षों में कृष्णा की यह दूसरी पाकिस्तान यात्रा है।


















