यदि आप किसी विमान में सफर कर रहे हों और विमान एयरपोर्ट पर लैंड करते समय पहाडि़यों के करीब से गुजरे, या समुद्री तट को छूते हूए निकले तो जाहिर है आपकी सांसें थम जायेंगी। यह आपके लिये एक रोमांचक अनुभव हो सकता है, लेकिन हम जिन हवाई अड्डों के बारे में बताने जा रहे हैं, वहां ऐसा रोजाना होता है। यही कारण है कि इन पांच हवाई अड्डों को विश्व के खतरनाक हवाईअड्डों में गिना जाता है।
1. सेवेलबार्ड एयरपोर्ट, नार्वे

यह हवाई अड्डा नार्वे में स्थित है, जो एक द्वीपसमूह पर बना हुआ है। इंजीनियरों ने यहां के बेहद ठंडे वातावरण का लाभ उठाते हुए, इसे पर्माफ्रास्ट की परत पर बनाया है। पर्माफ्रॉस्ट एक तरह की चट्टान होती है, जो आम तौर पर बर्फीली जगहों पर पायी जाती हैं।
लेकिन ग्लोबल वार्मिंग के कारण बर्फ पिघलने से इसकी हवाई पट्टी का दोबारा निर्माण किया है। बर्फ के लगातार पिघलते रहने से इसके निर्माण में जल्द ही परिवर्तन किया गया है। इस एयरपोर्ट का निर्माण द्वितीय विश्वयुद्द के समय हुआ था। उस दौरान एयरपोर्ट को इस्तेमाल किये जाने के बाद बंद कर दिया गया। कई साल बाद 1959 में फिर से उड़ानों का संचालन शुरू हुआ और वो भी बहुत कम संख्या में।
1973 में इसका पुननिर्माण किया गया और व्यापक स्तर पर यहां से विमान उड़ान भरने लगे। 2011 तक आते-आते यहां पर यात्रियों की संख्या लाखों में पहुंच गई। 2011 में 1,26,350 यात्री इस हवाई अड्डे पर विभिन्न विमानों से उतरे व उड़ान भरी। कुल मिलाकर यदि आप एयरपोर्ट के बाहर खड़े होकर नज़ारा देखेंगे तो आप भी भौचक्के रह जायेंगे।


















