
दिल्ली (ब्यूरो)। सावधान! यदि आप फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लिए सिम से मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं तो सतर्क हो जाइए क्योंकि पुलिस की निगाह अब आप पर पड़ चुकी है। पुलिस महकमा आतंकी घटनाओं में इस्तेमाल होने वाले इस प्रकार के सिम से परेशान है इसलिए वह ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जेल भेज सकती है जिन्होंने फर्जी पते से या फर्जी तरीके से सिम लिया है।
बताया जा रहा है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लिए गए सिम को सरकार बेहद गंभीर मामला मान रही है और इसीलिए वह फेंचाइजी और दुकानदारों को ही इस मामले में दोषी मानते हुए उनसे ही एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी में है। यानी दुकानदार और उपभोक्ता में सीधे टकराव की स्थिति रहेगी जिससे न केवल दुकानदार को सतर्क रहना होगा बल्कि सिम वितरण में भी सावधानी बरतनी होगी।
इस बाबत दूरसंचार विभाग ने एक दिशा दिशा निर्देश जारी किया है जिसके अनुसार, अगर ग्राहक फर्जी दस्तावेज देता है और मूल दस्तावेज भी फर्जी पाए जाते हैं तो टेलीकॉम आपरेटर के संज्ञान में लाने के 15 दिन के भीतर दुकानदार या फ्रेंचाइजी को आरोपी के खिलाफ एफआईआर करानी होगी। ये नियम नवंबर के दूसरे हफ्ते से प्रभावी होंगे। सिमकार्ड विक्रेता को यह सत्यापित करना होगा कि उसने ग्राहक को देखा है और आवेदन पर चस्पा तस्वीर से उसकी तस्वीर का मिलान किया है।
साथ ही ग्राहक द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों का पते और पहचान के मूल प्रमाणपत्रों से मिलान कर लिया है। टेलीकॉम आपरेटर के सब्सक्राइबर बेस में ग्राहक के दस्तावेजों की एंट्री के बाद कनेक्शन चालू किया जाएगा। इसके अलावा सेवाप्रदाता द्वारा रिटेलर के जरिये फोन पर दस्तावेजों का सत्यापन किए जाने के बाद ही ग्राहक इनकमिंग या आउटगोइंग कॉल कर सकेगा। दिशा निर्देशों के मुताबिक अगर दुकानदार या फ्रेंचाइजी तय समय में शिकायत या एफआईआर दर्ज नहीं कराता है तो टेलीकॉम आपरेटर को अगले तीन दिनों में ग्राहक के साथ ही दुकानदार के खिलाफ शिकायत दर्ज करानी होगी।
यही नहीं अगर किसी दूसरे व्यक्ति के दस्तावेज लगाकर और उसकी जानकारी के बिना सिम कार्ड हासिल किया जाता है तो भी टेलीकॉम आपरेटर को सिम विक्रेता या फ्रेंचाइजी के खिलाफ एफआईआर करानी होगी। ग्राहक और सिम विक्रेता पर कार्रवाई में नाकाम रहने पर टेलीकॉम आपरेटर को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। नए नियमों में किसी एक शख्स के नाम पर एक सर्किल में सर्विस प्रदाताओं द्वारा दस से ज्यादा मोबाइल कनेक्शन लेने यानी बल्क कनेक्शन लेने पर भी बंदिशें लगाई गई है।

















