
वित्त मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार वित्तवर्ष 2011-12 में लगभग दो करोड़ लोगों ने ऑनलाइन टैक्स भरे। धन कमाने के साथ ही समय से टैक्स भरना भी एक समझदारी है। लेकिन आसानी से टैक्स भरने के क्या तरीके हैं, जिससे कि बिना जहमत उठाये समय पर टैक्स भरा जा सके। इसका सबसे बेहतर और आसान माध्यम है इंटरनेट की सहायता से टैक्स भरना। अगर आप की आमदनी टैक्स के दायरे में आती है तो समय पर टैक्स भरें।
इसका आसान तरीका है ऑन लाइन टैक्स अर्थात् ई-फिलिंग टैक्स। इसके कई फायदे हैं-
कभी भी और कहीं से भी टैक्स भर सकते हैं
ई-फिलिंग टैक्स अर्थात् इन्टरनेट की सहायता से आप कभी भी और कहीं से भी टैक्स भर सकते हैं। अगर आप परंपरागत माध्यम से अर्थात् आयकर विभाग जाकर टैक्स देते हैं तो हो सकता है कि शाम 6 बजे के बाद आप का टैक्स डिपॉजिट न हो। ऑनलाइन टैक्स भरने के लिए आप को चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट के ऑफिस जाने की भी कोई आवश्यकता नहीं है।
यह कम खर्चीला और कम समय लेने वाला माध्यम है
ऑनलाइन टैक्स भरने से पहले आपको अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा, इसके बाद आपको एक आईडी और पासवर्ड मिल जाएगा, जिससे आप अपनी सुविधानुसार कभी भी टैक्स भर सकते हैं। यह एक सुरक्षित तरीका है।
अगर आप तय समय सीमा के अन्तिम दिन भी टैक्स भरना चाहते हैं तो भी यह बेहद आसान और सुरक्षित है।
ई-फिलिंग से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण शब्द
financial year (fy) अर्थात् वित्त वर्ष
किसी भी व्यक्ति द्वारा 1 अप्रैल से 31 मार्च तक की आमदनी को वित्तवर्ष के अन्तर्गत रखते हैं।
previous year (py) पिछला वर्ष
आयकर विभाग के अन्तर्गत जिस वर्ष का टैक्स देना होता है उसे प्रिवियस इयर कहते हैं।
assessment year (ay)
आयकर विभाग जिस वर्ष की आमदनी से कर लेता है उसे एसेसमेंट इयर कहते हैं।
income( आय )
किसी भी व्यक्ति द्वारा एक वर्ष में की गयी आमदनी को इनकम कहते हैं। एक व्यापारी के लिए उसका लाभ उसकी आय है। आय को पांच वर्गों में विभाजित किया गया है-
-वेतन के रूप में होने वाली आय
-अचल संपत्ति से होने वाली आय
-व्यापार से होने वाली आय
-पूंजी से होने वाली आय


















