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मैच रेफरी पर्याप्‍त अनुभवी नहीं थे: मैरी कॉम

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Published: Tuesday, August 14, 2012, 12:16 [IST]

 Referees Were Not Experienced Enough

नई दिल्‍ली। भारत के लिए महिला बॉक्सिंग में पहला ओलंपिक पदक जीतने वाली मैरी कॉम ने कहा है कि बॉक्सिंग मुकाबलों में मैच रेफरी ज्‍यादा अनुभवी नहीं थे। जिससे कि मैच का परिणाम 6-11 रहा, मेरे ख्‍याल से इसे 2-3 से ज्‍यादा नहीं होना चाहिए था। अपनी जीत पर मैरी ने कहा कि पांच बार की विश्‍व चैंम्पियन रहने से ओलंपिक में पदक जीतना खास अहसास है। वैसे तो मुझे स्‍वर्ण जीतना चाहिए था लेकिन मैं सेमीफाइनल में 'कनफ्यूज़' हो गयी थी जिससे मैं कांस्‍य पदक ही जीत सकी।

यह ओलंपिक में महिला बॉक्सिंग की शुरूआत थी और भारत की तरफ से केवल वही चुनौती पेश कर रही थी। यह पूछने पर की पांच बार की विश्‍व चैंम्पियन, जो ज्‍यादातर पहले नम्‍बर पर ही रहीं, ओलंपिक में कांस्‍य जीतने पर कैसा महसूस कर रही हैं। मैरी ने कहा कि मैं खुश हूं कि मैं भारत के लिए बॉक्सिंग में पदक जीतने वाली पहली महिला हूं लेकिन मुझे अफसोस है कि मैं स्‍वर्ण पदक न जीत सकी।

पीटीआई से बातचीत में 29 वर्षीय मैरी ने सेमीफाइनल मुकाबले के बारे में कहा कि मुझे नहीं पता कि मुझे सेमीफाइनल राउंड में क्‍या हो गया था। मेरा शरीर ठीक से 'मूव' नहीं कर पा रहा था, मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि मुझे क्‍या करना चाहिए। मैं 'कनफ्यूज़' थी। मैं कभी भी मुकाबले के पहले नर्वस नहीं होती लेकिन मुझे उस समय क्‍या हो गया, मैं इसे नहीं बता सकती। मैं हमेशा की तरह तेज आक्रमण नहीं कर पा रही थी, इसका कारण वहां के समर्थक भी हो सकते हैं जो निकोला का उत्‍साहवर्द्धन कर रहे थे। आमतौर पर समर्थकों का मुझ पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन सम्‍भवत: यह सेमीफाइनल के दबाव के कारण था।

मैरी ने कहा कि ओलंपिक में पदक जीतने का मेरा सपना पूरा हो गया है, अब मैं रियो डि जेनेरियों ओलंपिक में पदक जीतने के लिए प्रयास करूंगी। मैं नहीं जानती कि तब तक मेरा शरीर मेरा साथ देगा या नहीं, लेकिन मैं वहां स्‍वर्ण पदक जीतने का पूरा प्रयास करूंगी। ओलंपिक में पदक जीतने का जश्‍न मनाने पर मैरी ने कहा कि वह इस समय काफी व्‍यस्‍त हैं, वह क्रिसमस से पहले चर्च में प्रार्थना कर ईश्‍वर को धन्‍यवाद देंगी।

English summary
On the judging controversies that rocked the men's Olympic bouts, including those involving India, Mary Kom said probably the referees were not experienced enough at the big event.
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