
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। भ्रष्टाचार के खिलाफ योग गुरू बाबा रामदेव के आंदोलन के पहले दिन जहां लोगों को थोड़ी सी परेशानी हुई वहीं दूसरी तरफ चोरों ने जमकर मौज लिया। रामलीला मैदान में पहले दिन चोरी के 60 मामले सामने आये। आंदोलन के दौरान रामलीला मैदान 10 जेबकतरों को पकड़ा गया और उनकी वहीं जमकर पिटाई भी की गई। खासबात यह थी कि रामदेव जनता से अपील करते रहे कि उनकी लड़ाई बड़े भ्रष्टाचारियों के खिलाफ है लेकिन भीड़ ने इन बातों को दरकिनार करते हुए अपना काम कर दिखाया।
आपको बताते चलें कि रामदेव दिल्ली के रामलीला मैदान में तीन दिन के सांकेतिक अनशन पर हैं। अनशन के तीसरे दिन यानी 12 अगस्त को रामदेव अगले दौर की रणनीति की घोषणा करेंगे। हालांकि इस बार उनके भाषण में काले पैसे से ज्यादा जोर लोकपाल पर है। इसी के साथ रामदेव ने सीबीआई को स्वतंत्र करने और सीएजीसीवीसी और सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति को ज्यादा पारदर्शी बनाने की मांग की है। अन्ना के अनशन की तर्ज पर सरकार रामदेव के आंदोलन को भी ज्यादा तवज्जो देने के मूड में नहीं है।
मालूम हो कि अनशन के पहले दिन बाबा रामदेव ने सरकार से देश के सभी स्कूल कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में योग शिक्षा अनिवार्य करने की मांग की। बाबा ने कहा कि देश के मानव संसाधन को बेहतरीन बनाने के लिये यह जरूरी है। साथ ही इससे बच्चों को संस्कार भी मिलेंगे। रामलीला मैदान पर अपने आंदोलन की शुरुआत करते हुए बाबा रामदेव ने अपने भाषण में कहा कि सरकार जितना पैसा मानव संसाधन पर खर्च कर रही है वो सब तब तक व्यर्थ है, जब तक क्वालिटी नहीं आये। बच्चों को संस्कार देने और उनके स्वास्थ्य को अच्छा बनाये रखने के लिये योग कक्षा जरूरी है।
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