
मुंबई। किंगफिशर एयरलाइन्स को इन्जीनियरों और पाइलेटों की हड़ताल के कारण बुधवार को अपनी 30 से ज्यादा उड़ाने रद्द करनी पड़ी। किंगफिशर के कर्मचारियों ने पिछले कई महीनों से वेतन न मिलने के कारण हड़ताल कर दी है। कंपनी को पिछले कुछ महीनों में कई बार इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा है, जब उसे अपने पाइलेटों और इंजीनियरों की हड़ताल के कारण उड़ाने रद्द करनी पड़ी।
दिल्ली से जाने वाली लगभग 22 उड़ानें साथ ही देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से 9 उड़ाने रद्द हो गयी। किंगफिशर से जुड़े अधिकारियों ने कहा है कि परिचालन कारणों से ही उड़ाने रद्द की गई है जबकि कंपनी के एक प्रवक्ता ने इस विषय पर कुछ भी कहने से मना कर दिया।
किंगफिशर के एक जूनियर पाइलेट ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि कंपनी ने हमसे पिछले पांच, छह महीनों मे कई बार वादा करने के बाद भी वेतन नहीं दिया है। भला कोई बिना वेतन के कितने समय तक काम कर सकता है।
किंगफिशर पर इस समय लगभग 1.4 करोड़ डॉलर का कर्ज है। एक समय बाज़ार में भागीदारी में अधिकतम शेयर के मामले में दूसरा स्थान रखने वाली किंगफिशर के पास इस समय सबसे कम 4.2 प्रतिशत शेयर हैं। किंगफिशर में लोकल बैंकों की साझेदारी एक चौथाई है लेकिन कुछ बैंकों ने कंपनी को कर्ज देने से मना कर दिया है।


















