
इंदौर। उत्तरप्रदेश के पिछले विधानसभा चुनावों में भाजपा का सूपड़ा साफ होने के बाद पार्टी की वरिष्ठ नेता उमा भारती इन दिनों सियासत की मुख्य धारा से भले ही लगभग गायब दिखायी दे रही हों। लेकिन मध्यप्रदेश की यह तेजतर्रार संन्यासिन अपने शिष्यों की सालाना मुहिम के कारण इस बार भी रक्षाबंधन पर भाइयों की कलाई पर नजर आयेंगी। उमा श्री भारती शक्ति पीठ से जुड़े संजय पाराशर ने बताया कि उन्होंने देश भर में करीब 2,000 लोगों को साध्वी के चित्र वाली राखियां भिजवायी हैं।
इन लोगों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल हैं। उन्होंने बताया कि उनका धार्मिक संगठन हर साल देश भर में दीदी मां (उमा) की तस्वीर वाली राखियां बांटता है और भाइयों से अनुरोध करता है कि वे इन्हें अपनी बहनों से जरूर बंधवाएं। पाराशर की मानें तो उमा के शिष्यों की इस मुहिम का सियासत से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है।
भाजपा आलाकमान ने उत्तरप्रदेश में पार्टी के खोए आधार को पाने के महत्वाकांक्षी अभियान के तहत इस सूबे के पिछले विधानसभा चुनावों के लिये उमा को नेतृत्व सौंपा था। इन चुनावों में साध्वी ने हालांकि अपने विधानसभा क्षेत्र से तो जीत हासिल कर ली। लेकिन उत्तरप्रदेश के अहम चुनावी समर में भाजपा को करारी पराजय झेलनी पड़ी। सूत्रों ने बताया कि मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री इन दिनों अपना अधिकांश वक्त गंगा नदी के संरक्षण से जुड़े एक बड़े अभियान को दे रही हैं।
















