
लखनऊ। सोमवार की रात ग्रिड फेल होने से जहां देश के नौ राज्यों में बिजली संकट खड़ा हो गया। वहीं मंगलवार की दोपहर 1.15 पर उत्तरी ग्रिड एक बार फिर फेल हो गया। मंगलवार को ग्रिड फेल होने से सात राज्यों की व्यवस्थाएं प्रभावित हुई और रेलवे से लेकर चिकित्सालयों तक सभी आवश्यक सेवाएं बाधित हो गयीं। ग्रिड फेल होने से दिल्ली की मेट्रो तक अपनी जगह पर थम गयी। ज्ञात हो कि सोमवार को ग्रिड फेल होने का खामियाजा यूपी के ऊर्जा निगम के सीएमडी अवनीश कुमार अवस्थी को अपनी कुर्सी गंवाकर भुगतना पड़ा था।
जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान व उत्तराखण्ड राज्यों में दोपहर में अचानक बिजली गुल हो गयी। ट्रेने अपने स्थान पर रूक गयीं। टे्रनों में बैठे लोग यह समझ भी नहीं पाए कि ट्रेन अचानक क्यों रूक गयी काफी देर बाद पता चला कि ग्रिड फेल हुआ है जिससे राज्यों की बिजली गुल हो गयी है। राजधानी दिल्ली में मेट्रो भी अपने स्थान पर थम गयी।
अधिकारियों ने कहा कि तकनीकी खराबी के चलते ग्रिड फेल हुआ जबकि एक बार फिर यह बात उठी कि राज्यों ने अपनी निर्धारित मात्रा से अधिक बिजली का आयात किया जिससे ग्रिड की फ्रीक्वेंसी कम हुई और आयात बंद नहीं हुआ जिस कारण ग्रिड फेल हो गया। सोमवार को ग्रिड फेल में जिस प्रकार केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री ने उत्तर प्रदेश को समस्या का जिम्मेदार ठहराया।
मंगलवार को एक बार फिर वही खराबी आयी जिस कारण एक दिन पहले ग्रिड फेल हुआ था। हालांकि प्रदेश सरकार ने ग्रिड फेल होने के मामले सीएमडी यूपीपीसीएल अवनीश कुमार अवस्थी को पद से हटा दिया था और इंजीनियर एपी मिश्रा को नया एमडी नियुक्त किया। श्री मिश्रा ने दोपहर बारह बजे कुर्सी संभाली और उसके महज सवा घंटे के भीतर ही ग्रिड फेल हो गया। ध्यान देने वाली बात यह है कि ग्रिड वास्तव में क्यों फेल हो रहा है इस बारे में कोई अधिकारी कुछ कह ही नहीं पा रहा है।





















