
टोक्यो/अहमदाबाद। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने चार दिन के जापान दौरे पर संकलप लिया है कि वो गुजरात को मिनी जापान बनायेंगे। इसी संकल्प के साथ जापान सरकार और कई कंपनियों के साथ आर्थिक एवं औद्योगिक संबंध बनाये जाने पर काम शुरू हो गया।
जेटरो द्वारा आयोजित एक सेमिनार में नरेंद्र मोदी ने कहा कि वे दोनों देशों के विद्वानों के सहयोग से वो गुजरात में मिनी जापान स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जापान के पास अनुभव और क्षमता है और गुजरात के पास उद्यमिता। जापान के पास तकनीक है और गुजरात के पास टैलेंट और युवा शक्ति। जापान अनुशासन में रहकर काम करता है, तो गुजरात उत्कृष्टता पर जोर देता है। यदि दोनों का समागम हो जाये तो गुजरात में एक नया जापान बन सकता है, जिसे मिनी जापान कहा जा सकेगा।
मोदी ने कहा कि विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) गुजरात में स्थापित किया जा रहा है। यह पूरी तरह पब्लिक प्राइवेट मॉडल के आधार पर होगा। दोनों देश मिलकर अपनी-अपनी संस्कृतियों को साथ लेते हुए नया इतिहास रच सकते हैं। मोदी ने कहा कि कुछ कंपनियां हैं, जो हर हफ्ते गुजरात में अपनी यूनिट स्थापित करने आ रही हैं। गुजनात निवेश का एक अच्छा क्षेत्र बन चुका है। भारत में उद्योग के मामले में गुजरात सबसे आगे जा चुका है। यहां लाखों छोटे-बड़े उद्योग हैं जो करोड़ों लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं।
मोदी ने कहा कि भारत और जापान एशिया की सर्वश्रेष्ठ आर्थिक शक्तियां बन सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि दोनों देशों के लिये विश्व शांति सबसे पहला मकसद है।


















