
भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स आज अपने दूसरे अंतरिक्ष अभियान के तहत एक रूसी अंतरिक्ष यान से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए रवाना हुईं। रूसी अंतरिक्ष यान सोयुज टीएमए-05 एम भारतीय समयानुसार आठ बज कर दस मिनट पर कजाखस्तान के बैकॉनूर अंतरिक्ष केंद्र से रवाना हुआ। सुनीता के साथ रूसी अंतरिक्ष यात्री यूरी मलेनचेन्को और जापान के अंतरिक्ष यात्री अकीहिको होशिदे भी आईएसएस गए हैं। आईएसएस के एक्सपेडिशन 32 के सदस्यों के लिए 46 वर्षीय सुनीता की भूमिका एक फ्लाइट इंजीनियर की होगी।
वह अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचने के बाद एक्सपेडिशन 33 की कमांडर बन जाएंगी। सुनीता के पिता गुजरात राज्य से ताल्लुक रखते हैं। वर्ष 1998 में नासा ने सुनीता को अंतरिक्ष यात्री के तौर पर चुना था। उन्होंने एक्सपेडिशन 14 की सदस्य के तौर पर आईएसएस भेजा गया और उन्होंने एक्सपेडिशन 15 में भाग लिया था। सर्वाधिक लंबी यानी 195 दिन की अंतरिक्ष यात्रा करने वाली महिला का रिकॉर्ड सुनीता के नाम है।
उन्होंने वर्ष 2006 में छह महीने तक आईएसएस में रह कर काम किया था। सुनीता ने वर्ष 1995 में फ्लोरिडा इन्स्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से स्नातकोत्तर की डिग्री ली थी। अंतरिक्ष में सुनीता और उनके टीम सहयोगियों की योजना लंदन में होने जा रहे समर ओलंपिक के मौके पर ऑर्बिट में एक खेल आयोजन करने की है।


















