
कोलकाता। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जितने वाली पिंकी प्रमाणित पर लगे बलात्कार मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है। अपने ऊपर लगे बलात्कार के मामले में पिंकी 26 दिन पुलिस हिरासत में थी। पिंकी की लिव-इन पार्टनर ने उसपर अपने साथ बलात्कार किये जाने का आरोप लगाया था जिसके बाद पिंकी को गिरफ्तार कर लिया गया था। अब पिंकी की पार्टनर उसपर लगाये गये आरोप से मुकर गयी है।
पिंकी की पार्टनर ने यू-टर्न लेते हुए कहा है कि पश्चिम बंगाल की सिलेब्रिटी एथलीट और सीपीएम के भूतपूर्व एमपी ज्योपिर्मयी सिकंदर के पति अवतार सिंह के कहने पर पिंकी पर आरोप लगाया था। उसने बताया कि अवतार सिंह और पिंकी के बीच जमीन विवाद चल रहा है। इसी जमीनी विवाद के कारण पिंकी को बदनाम करने की कोशीश की गयी।
इससे पहले पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री मदन मिश्रा का बयान आया था कि सन 2004 में सेक्स रैकेट चलाने वाला अवतार सिंह गिरफ्तार किया गया था, वह पिंकी की जमीन हड़पना चाहता था। पिंकी को 2006 में वाम सरकार ने उपहार स्वरूप जमीन दी थी। अवतार सिंह की पत्नी ने प्रमाणिक की गिरफ्तारी का विरोध किया था, अब उन्होंने अपने पति पर लगे आरोपों से इंकार किया है।
पिंकी पर आरोप लगाने वाली विधवा महिला ने कहा कि पूरे मामले का कारण जमीनी विवाद है। उसने कहा कि सिंह ने उनसे फोन कर कहा था कि वह पिंकी पर बलात्कार का आरोप लगाये, जिससे वह कही मुंह दिखाने के लायक न रहे। उसके ऊपर धोखाधड़ी का केस लादकर उसको जेल भेज दिया जाए।
महिला ने अपना आरोप वापस ले लिया है, पिंकी निर्दोश है। अब उसके ऊपर हुए मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न की भरपाई कौन करेगा। कबतक झूठे आरोप लगाकर ऐसे निर्दोशों को बदनाम किया जाएगा। अब देखना यह है कि पिंकी पर झूठा आरोप लगाने और उसका साथ देने वालों को क्या सजा दी जाती है?


















