
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि विकास की खातिर जमीन का अधिग्रहण करने के लिये किसानों के खिलाफ बल प्रयोग नहीं किया जाना चाहिये। अखिलेश ने कल एक कार्यक्रम में अपने सम्बोधन में कहा कि भूमि का अधिग्रहण किसानों की सहमति से ही होना चाहिये। उन्हें जमीन के एवज में समुचित मुआवजा, और जरूरी हो तो प्रभावित परिवार को नौकरी दी जानी चाहिये।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लखनउ को दिल्ली से जोड़ने के लिये एक सड़क बनाने की योजना तैयार कर रही है लेकिन इसके लिये किसानों की जमीन उनकी मर्जी से ही ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास की असीम सम्भावनाएं हैं और सभी के सहयोग से यह राज्य प्रगति के पथ पर निश्चित रूप से अग्रसर होगा।
उन्होंने कहा कि तरक्की के लिये मूलभूत ढांचा विकास, शिक्षा तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभी बहुत काम किया जाना बाकी है। अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश गेहूं, गन्ना, चीनी तथा दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में देश के बाकी सूबों के मुकाबले काफी आगे हैं और उसकी तुलना किसी अन्य राज्य से नहीं की जा सकती। प्रदेश में बिजली संकट के बारे में उन्होंने कहा कि सरकार विद्युत आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिये ठोस कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विद्युत वितरण प्रणाली बहुत कमजोर है और उसमें सुधार किये जाने की जरूरत है। उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिये और सुधार की गुंजाइश भी बतायी।


















