
दिल्ली (ब्यूरो)। रिलायंस इंफ्रा और डीएमआरसी के बीच विवाद बढ़ गया है। एयरपोर्ट मेट्रो के निर्माण में ही लोचा के रिलायंस के आरोपों के बाद दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन ने जवाबी हमला बोल दिया है। मेट्रो के चेयरमैग मंगू सिंह ने रिलायंस इंफ्रा पर आरोप जड़ा है कि वह खुद ही इस मेट्रो को नहीं चलाना चाहती। वह इससे अपना पिंड छुड़ाना चाहती है। इससे तो यह साफ हो गया है कि पीपीपी माडल पर चल रही एयरपोर्ट मेट्रो दो महीने बाद भी फर्राटे नहीं भरने जा रही है जिसकी दावा सरकार कर रही है।
रिलायंस से विवाद के बीच मेट्रो के नए चीफ मंगू ने शहरी विकास मंत्रालय को एक चिट्ठी लिखकर रिलायंस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय को यह पत्र एक पाक्षिक स्थिति रिपोर्ट के रूप में भेजा गया है। इसमें यह दावा किया गया है कि मेट्रो में कुछ दोष थे जिसे समय रहते रिलायंस नहीं खोज सकी जिसके कारण मेट्रो में परेशानी आई।
साथ ही चिट्ठी में कमलनाथ को संबोधित करके लिखा गया है कि रिलायंस इस लाइन पर आगे सेवा जारी नहीं रखना चाहती थी और उसने ऐसे हालात पैदा कर दिए कि इस लाइन को फिलहाल बंद करना पड़ा। उनके मुताबिक किसी भी पेशेवर ऑपरेटर को इस स्तर तक जाने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।
आपको बता दें कि पिछले दिनों निर्माण में खामियों सामने आने के बाद कनॉट प्लेस से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट तक चलने वाली मेट्रो सेवा को बंद करना पड़ा था जिसे रिलांयस इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी चलाती है। फरवरी 2011 में शुरू हुआ देश की ये पहला पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप वाला मेट्रो प्रोजेक्ट है। 11 जुलाई को ये चिट्ठी एक पखवाडे की स्टेटस रिपोर्ट के तौर पर भेजी गई है। इसके मुताबिक बियरिंग लगाने में खामियां थीं जिसे वक्त पर कंपनी नहीं पकड़ पाई। हालांकि रिलायंस ने आरोपों से इंकार करते हुए एयरपोर्ट लाइन बंद करने के पीछे सुरक्षा को वजह बताया था।
उधर, शहरी मंत्रालय के सचिव, सुधीर कृष्ण ने स्वीकार किया कि उनके कार्यालय को एक मेट्रो से पत्र प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा कि मंत्रालय इस बाबत एक समिति गठित करने जा रही है जो यह फैसला करेगी कि इसके लिए जिम्मेदार कौन है। उसके बाद ही मंत्रालय उसपर फैसला करेगा।


















