
लखनऊ। सपा के दो नेताओं का आपसी विवाद थाने पहुंच गया। पुलिस की मौजूदगी में पूर्व सपा जिलाध्यक्ष ने वर्तमान जिलाध्यक्ष व उसके समर्थकों को थाने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा था हवाई फायर किए। पुलिस के सामने हुए इस घटनाक्रम के बाद वर्तमान जिलाध्यक्ष के समर्थन में कार्यकर्ताओं ने कोतवाली का घेराव किया। देर रात पहुंचे अधिकारियों के आश्वासन के बाद घेराव समाप्त हो गया।
ललितपुर जिले की कोतवाली क्षेत्र में समाजवादी के पूर्व जिलाध्यक्ष कैलाश सिंह यादव व वर्तमान जिलाध्यक्ष महेन्द्र सिंह यादव को किसी न किसी बात को लेकर अक्सर विवाद होता रहता। रविवार सुबह तालापुरा में कैलाश सिंह का महेन्द्र सिंह के समर्थक अंशुल से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। कैलाश व उसके समर्थकों ने उसकी पिटाई कर दी और खुद कोतवाली जाकर अंशुल के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
इस बात की जानकारी जिलाध्यक्ष महेन्द्र सिंह को लगी और करीब डेढ़ बजे वह अंशुल व समर्थकों के साथ कोतवाली पहुंचा। पुलिस ने उसकी नही सुनी और अंशुल के साथ एसपी अरु ण कुमार के पास पहुंचा। एसपी ने उसे कोतवाली जाने को कहा। जिलाध्यक्ष महेन्द्र समर्थकों के साथ फिर कोतवाली पहुंचा। वहां पहले से समर्थकों के साथ मौजूद पूर्व जिलाध्यक्ष कैलाश सिंह यादव ने महेन्द्र सिंह व उनके समर्थकों को कोतवाली परिसर में दौड़ा लिया और उसकी जमकर पिटाई की।
पुलिस की मौजूदगी में कैलाश व उसके समर्थकों ने महेन्द्र को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा और उस पर फायर कर दिया। पुलिस की मौजूदगी में जिलाध्यक्ष महेन्द्र पर हमले की खबर पाकर पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता कोतवाली पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने कोतवाली का घेराव कर प्रर्दशन किया। घेराव कर रहे कार्यकर्ता कोतवाली प्रभारी, एसपी को हटाये जाने व पूर्व जिलाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई किये जाने की मांग कर रहे थे।
शाम तक कार्यकर्ता कोतवाली का घेराव कर रहते रहे लेकिन कोई अधिकारी उनकी मांगों को सुनने मौके पर नही पहुंचा। देर रात एसपी व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रर्दशनकारियों को आश्वासन देकर शान्त कराया। आश्वासन के बाद कोतवाली का घेराव समाप्त हो गया।


















