
नयी दिल्ली। सैयद जबीउददीन अंसारी उर्फ अबू जिंदाल के बाद अब भारतीय एजेंसियों की नजर तीन और ऐसे भारतीयों पर है, जो इस समय सउदी अरब में हो सकते हैं। देश में हुए कुछ आतंकवादी हमलों में इन तीनों की भूमिका होने का संदेह है। खुफिया एजेंसियों से जुडे़ एक अधिकारी ने भाषा को बताया कि इन तीनों के नाम सीआईए की उन व्यक्तियों की सूची में है, जो सउदी अरब में फर्जी पाकिस्तानी पासपोर्ट पर 2008 से रह रहे हैं।
26 नवंबर 2008 को ही मुंबई में घातक आतंकवादी हमला हुआ था, जिसमें 166 लोग मारे गये थे। अधिकारी के मुताबिक ये तीनों व्यक्ति जिंदाल की ही तरह बांग्लादेश के जरिए पाकिस्तान गये और उसके बाद पाकिस्तानी पासपोर्ट पर सऊदी अरब चले गये। इस बीच सूत्रों ने बताया कि सऊदी अरब से मिल रहे समर्थन से भारतीय खुफिया एजेंसियां खासी उत्साहित हैं और अबू जंदल को भारत ला पाना इसी समर्थन का परिणाम है।
हालांकि खुफिया अधिकारी सऊदी सरकार से तीनों संदिग्धों के बारे में चर्चा करने में पूरी सतर्कता बरत रही है। उन सभी पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है जो मामले को किसी भी दिशा में मोड सकते हैं। अधिकारी का मानना है कि सऊदी अरब में बडी संख्या में भारतीय आबादी रहती है।
उनमें से कुछ कट्टरपंथी हो सकते हैं और सऊदी सरकार नहीं चाहती कि किसी तरह की कोई समस्या पैदा हो और न ही वह अनावश्यक प्रचार करना चाहती है। सऊदी सरकार सभी विकल्पों पर विचार करने के बाद ही भारत की मांग पर सहमत हो सकती है।


















