
चंडीगढ़। अब उन लोगों को घंटो सरकारी दफ्तरों की लाइन में लगने की जरुरत नहीं होगी जिन्हें अपने हथियार के लाईसेंस को रिन्यू करवाने है। गृह मंत्रालय द्वारा जल्द ही हथियार के लाईसेंस करवाने की सुविधा को ऑनलाइन किया जा रहा है। इसके लि एक खास तरह के केन्द्रीकृत सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है। इस संबंध में जानकारी हरियाणा के गृह सचिव समीर माथुर ने मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में यहां आयोजित जिला उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों की बैठक के दौरान दी। बैठक में माथुर ने जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों से आग्रह किया कि हथियारों के लाइसेंस के संबंध में ऑनलाइन डाटा तैयार करने के लिए राष्टरीय सूचना विज्ञान केन्द्र द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर की सहायता लें।
उन्होंने कहा कि उपायुक्तों तथा पुलिस अधीक्षकों में प्रभावी संप्रेषण के लिए एक प्रणाली विकसित करनी चाहिए। यदि कोई घटना घटित होती है तो मिलकर कार्य करना चाहिए। किसी भी प्रकार के संभावित विरोध प्रदर्शन से पहले आपसी संवाद कायम करना चाहिए ताकि इसे रोका जा सके। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्हें संबंधित व्यक्तियों से बातचीत से मसला सुझाने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा लोगों का पक्ष सुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेहतरीन पुलिसिंग तथा कानून एवं व्यवस्था की स्थिति से चलते राज्य में स्थानीय निकाय एवं पंचायती चुनावों में कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई और चुनाव शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हुए। इसके अलावा, औद्योगिक क्षेत्र में भी शांति रही और अपराध में गिरावट आई है।
उन्होंने कहा कि पुलिस महिलाओं, बच्चों और समाज के कमजोर वर्गों से संबंधित लोगों के मामलों में अधिक संवेदनशील रहें। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल आश्रम गृहों का सर्वेक्षण करवाया जायेगा। बैठक में मुख्य सचिव पी के चौधरी ने कहा कि आपराधिक घटनाओं का सावधानी से विश्लेषण किया जाना चाहिए। चौधरी ने कहा कि हालांकि सरकार की ओर से अच्छा कार्य किया जा रहा है लेकिन लोगों की अपेक्षाएं और अधिक है। इस कारण अधिकारियों को और अधिक समर्पित भाव से कार्य करना चाहिए।


















