
कानपुर। उत्तरप्रदेश में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इस बार जो वारदात सामने आई है उसने सूबे में महिलाओं की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिया है। अपनी बुआ से मिलने आगरा से कानपुर आई एक युवती को कानपुर रेलवे स्टेशन पर मदद के बहाने चार युवकों ने कार में बैठा लिया और फिर सूनसान स्थान पर ले जाकर दो दिक तक सामुहिक बलात्कार किया। दो दिनों तक युवती की इज्जत लूटने के बाद दरिंदे उसे दोबारा स्टेशन पर छोड़कर फरार हो गये। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आगरा की रहने वाली एक युवती के पति की मौत दो साल पहले हो गई थी। वह पहली बार कानपुर गई थी जहां उसकी बुआ रहती थी। कानपुर पहुंचने के बाद जब उसने अपने बुआ को फोन किया तो पता चला कि वह सपरिवार लखनऊ गई हैं। इसी दौरान युवती का बैग भी चोरी हो गया। उसने इस बात की शिकायत जीआरपी से की मगर पुलिस ने उसका सहयोग नहीं किया।
युवती बैग ढूंढ़ते हुए कानपुर रेलवे स्टेशन पर भटक रही थी कि संतोष, अंकुर सहित चार युवकों ने उसे मदद का झांसा देकर अपने साथ ले गये। युवती की मानें तो चारों युवक उसे वैगनआर कार में लेकर किसी सुनसान इलाके में ले गये और तमंचा दिखाकर उसका बलात्कार किया। युवती ने बताया कि दो दिन तक उसे बंधक बनाकर चारों ने बारी बारी से उसके साथ बलात्कार किया और फिर शुक्रवार को रेलवे स्टेशन पर लाकर छोड़ गये। यहां किसी ने युवती की हालत देखकर सखी केंद्र की हेल्पलाइन भेज दिया। थाने आने के बाद पुलिस ने उन्हें यह कह कर कई चक्कर लगवाये कि यह दूसरे थाने की घटना है। उसके बाद लड़की ने कार का नंबर बताया और मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस इस संबंध में छानबीन कर रही है।


















