
दिल्ली (ब्यूरो)। अपनी ही बेटी और नौकर की हत्या में फंसी दंत चिकित्सक नूपुर तलवार एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट मे जमानत याचिका दाखिल कर इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। नूपुर 30 अप्रैल से ही जेल में बंद हैं। 2 मई को गाजियाबाद की विशेष अदालत और 31 मई को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नूपुर की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
सात जून को भी खारिज हो चुकी है याचिका
आरुषि और हेमराज मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट ने सात जून को भी नूपुर तलवार की याचिका को खारिज कर चुका है। नूपुर ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी कि गाजियाबाद की निचली अदालत में उनके खिलाफ केस बंद कर दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर तलवार की इस मामले को निरस्त करने की याचिका पर अपना फैसला 16 मई को सुरक्षित रखा था।
देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री
नुपुर तलवार की बेटी आरुषि औऱ उनके नौकर हेमराज की हत्या को देश में सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री माना जाता है। आरुषि 16 मई 2008 को नोएडा स्थिति अपने ही घर में मृत पाई गई थी। उसके अगले दिन तलवार के नौकर हेमराज का भी शव मिला। इस मामले में डॉक्टर नूपुर तलवार व उनके पति राजेश तलवार अभियुक्त हैं। दोनों के खिलाफ गाजियाबाद की विशेष अदालत में मुकदमा चल रहा है। नूपुर ने जमानत अर्जी में कहा है कि वह निर्दोष हैं। मामले की शुरुआत से लेकर सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने तक उनका कहीं जिक्र तक नहीं आया। नूपुर का कहना है कि सीबीआई उनके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं पेश कर पाई है। उन्हें जबरदस्ती फंसाया जा रहा है।


















