
आगरा। पानी की कमी से जूझ रहे आगरावासियों के लिए राहत की खबर है अब उन्हें शुद्घ पेयजल मिल सकेगा। आगरा में आगरा वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है जिससे लोगों मानक के अनुसार 135 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन की दर से पानी मिल सकेगा। वहीं नगर की बढ़ती हुई पानी की मांग को देखते हुए यमुना के पानी को एडवांस टेक्नोलॉजी से ट्रीट करने वाले ट्रीटमेन्ट प्लान्ट को जल्द चालू किया जायेगा।
प्रदेश के मुख्य सचिव जावेद उस्मानी का कहना है कि एडवांस ट्रीटमेन्ट प्लान्ट से प्राप्त होने वाला जल की गुणवत्ता वर्तमान में आपूर्ति हो रहे जल से बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि आगरा सीवरेज स्कीम के अन्तर्गत जगनपुर क्षेत्र में 14 एमएलडी क्षमता का एक सीवेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट (एसटीपी) निर्मित कर चालू करा दिया गया है तथा बिचपुरी क्षेत्र में निर्माणाधीन 40 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट को माह जुलाई में पूर्ण कर चालू करा दिया जायेगा।
उन्होंने बताया कि अपर गंगा नहर के पालडा रेगुलेटर (जनपद बुलंदशहर) से 150 क्यूसेक पानी 130 किमी. पाइपलाइन के माध्यम से 140 क्यूसेक आगरा नगर तथा 10 क्यूसेक जल मथुरा नगर को आपूर्ति की जायेगी। योजना के अन्तर्गत निर्माणाधीन वाटर ट्रीटमेन्ट प्लान्ट के द्वारा यमुना के जल को शोधित कर भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार शोधित जल वर्तमान वित्तीय वर्ष के अन्त तक आगरा वासियों को उपलब्ध कराया जायेगा।
इसके अतिरिक्त अपर गंगा नहर से प्राप्त होने वाले जल को भी नगर में विद्यमान जीवनी मण्डी एवं सिकन्दरा ट्रीटमेन्ट प्लान्ट से शोधित कर नगर में आपूर्ति की जायेगी।इस योजना की लागत का 15 प्रतिशत भाग प्रदेश सरकार द्वारा तथा शेष 85 प्रतिशत ऋण के रूप में जायका द्वारा वहन किया जा रहा है।


















