
भोपाल। बिहार के अल्पसंख्यक कल्याण और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री शाहिद अली खान ने कहा है कि कांग्रेस ने देश की आजादी के बाद से लेकर अब तक अल्पसंख्यकों के लिए कल्याण के लिये कुछ भी नहीं किया। वक्फ की अखिल भारतीय बैठक में शामिल होने यहां आए खान ने भाषा से बातचीत में कहा कि कांग्रेस हमेशा यह कहती है कि वह धर्मनिरपेक्ष पाटी है लेकिन उसने अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण करने और उन्हें वोट बैंक समझाने के अलावा कुछ भी नहीं किया।
शाहिद ने कहा कि एक लंबे समय से कांग्रेस ने न तो अल्पसख्यकों के विकास के लिए कुछ किया और न ही उनको शिक्षा प्रदान करने के लिए कोई कदम उठाए। इस गलती के लिसे कांग्रेस को दोषी ठहराना चाहिये। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 2005 में सच्चर आयोग का गठन किया था ताकि वह अल्पसंख्यकों की सही हालत के बारे में जानकारी दें लेकिन उसने कांग्रेस का असली चेहरा उजागर कर दिया।
मंत्री ने कहा कि जिन राज्यों में राजग की सरकारें है वे मुस्लिम वोट उनका तुष्टिकरण करके नहीं बल्कि उनका विकास करने के बाद मांगती है। शाहिद ने कहा कि ऐसे बहुत सारे मुस्लिम युवक हैं जिन्हें इस आरोप में लंबे समय के लिये जेल में यह कह कर डाल दिया जाता है कि वे आईएसआई के एजेन्ट हैं। उन्होंने कहा कि यह बहुत हैरानी की बात है कि ऐसे बहुत सारे युवकों को सात या आठ साल बाद अदालत से यह कह कर बरी कर देती है कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है।
मंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि इस तरह के युवकों को मुआवजा दिया जाये क्योंकि उन्होंने अपनी जवानी एक ऐसे जुर्म के लिए गंवा दी जो उन्होंने कभी किया ही नहीं। मंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गृह मंत्री पी चिदंबरम को खत लिखकर यह मांग की है कि जिन मुस्लिम युवकों को गलत तरीके से आईएसआई एजेन्ट कह कर फंसाया गया है उन्हें उचित मुआवजा दिया जाना चाहिये।
शाहिद ने कहा कि इन युवकों को यह मुआवजा उन अधिकारियों के वेतन से दिया जाना चाहिये जिन्होंने उनको गलत ढंग से पकड़ा था। उन्होंने कहा कि उनकी नजर में कोई भी सच्चा मुसलमान अपने देश के खिलाफ काम नहीं कर सकता और अगर वह ऐसा करता है तो उसे मुसलमान मानने की कोई जरुरत नहीं है। मंत्री ने कहा कि जो भी मुसलमान गलत काम करता है उसे हर हाल में सजा देनी चाहिये।
शाहिद ने कहा कि बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने अल्पसंख्यक विद्याथियों को ऋण देने के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। एक प्रश्न के जवाब में उन्होने कहा कि जो कुछ भी नीतीश ने धर्मनिरपेक्ष प्रधानमंत्री के बारे में कहा है, वह पूरी तरह सही है।
मंत्री ने कहा कि नीतीश के कहने पर वे राष्ट्रपति चुनाव में प्रणव मुखर्जी को वोट देंगे हालांकि यह काम वह भारी मन से करेंगे क्योंकि मुखर्जी एक कांग्रेसी हैं। उन्होने कहा कि बिहार की राजग सरकार ने अन्य प्रदेशों को विकास का रास्ता दिखाया है और उन्हें इस का अनुसरण करना चाहिये।


















