
गुड़गांव। 86 घंटे तक 80 फिट गहरे बोरबेल में जिंदगी सी जूझ रही माही आखिरकार हार गई। गुड़गांव के ईएमआई अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया है। यह खबर निश्चित तौर पर पूरे देश को झकझोंर कर रख देने वाला है क्योंकि माही की जिंदगी की दुआ के लिये पूरे देश ने एक साथ हाथ उठाया था। माही के परिजन भी अस्पताल में मौजूद है जो बेहद सदमे में हैं।
माही की मौत ने प्रशासन पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कबतक माही जैसी मासूम मरते रहेंगे। इस पूरे दर्दनाक खबर के पीछे कौन है दोषी इसका जबाब आप नीचे लिखे कमेंट बाक्स में लिख सकते हैं। मालूम हो कि 86 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सेना के जवानों ने मासूम माही को 80 फिट गहरे बोरबेल से बाहर निकाल लिया है। उसकी हालत कैसी है इस बात पर अभी सस्पेंस है क्योंकि सेना के जवानों ने जैसे ही माही को बाहर निकाला उसे फौरन कपड़े में लपेटकर अस्पताल ले जाया गया। इस पूरे मामने में ना ही सेना के आला अधिकारियों ने कुछ बताया है और ना ही डॉक्टरों की टीम ने कुछ कहा है।
मालूम हो कि बुधवार को माही अपना चौथा जन्मदिन मनने के बाद बच्चों के साथ घर के बाहर खेल रही थी। तभी अचानक रात के करीब 11 बजे वो बोरवेल में गिर गई। घर वालों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। करीब दो घंटे के अंदर बचाव दल मौके पर पहुंचा और काम शुरू किया। इस दौरान बोरवेल में सीसीटीवी कैमरा डाला गया, जिसमें माही का हाथ दिखा था, लेकिन कोई हलचल नहीं दिखी थी।


















