
नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान देने पर आरएसएस ने उन्हें जमकर फटकार लगाई है। संघ ने पूछा कि आखिर हिन्दूवादी नेता प्रधानमंत्री क्यों नहीं बन सकता। इससे यह साफ है कि संघ नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
सोमवार को नीतीश कुमार ने नरेंद्र मोदी की ओर इशारा करते हुए कहा था कि देश में सेक्युलर नेता होना चाहिये। उनकी इस टिप्पणी से यह झलक रहा था कि वे मोदी को सेक्युलर नहीं मानते। लिहाजा भाजपा के अन्य नेता भी इस पर कुछ भी कहने से बच रहे थे। मंगलवार को आरएसएस इस विवाद में कूद पड़ा। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सवाल किया कि भारत का प्रधानमंत्री कोई हिन्दूवारी नेता क्यों नहीं बन सकता। भागवत ने कहा कि किसी को यह बताने की जरूरत नहीं है कि कौन धर्मनिर्पेक्ष है और कौन नहीं। भागवत ने यह भी पूछा कि क्या आज तक जितने भी प्रधानमंत्री हुए हैं, क्या वे सभी सेक्युलर थे।
भागवत की प्रतिक्रिया पर जनता दल यूनाइटेड ने कड़ा रोष जाहिर करते हुए कहा है कि धर्मनिर्पेक्षता के मामले में समझौता नहीं करेंगे। पार्टी प्रवक्ता शिवानंद तिवरी ने कहा कि बिहार की सरकार रहे चाहे नहीं रहे, अब जो बात मुंह से निकल गई है, उसे वापस नहीं लेंगे। सामाजिक न्याय के लिये जेडीयू कभी पीछे नहीं हटेगी।


















