
दिल्ली (ब्यूरो)। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा और एनसीपी प्रमुख शरद पवार के बीच तनातनी का खामियाजा अब संगमा की बेटी और केंद्रीय मंत्री अगाथा संगमा को भुगतना पड़ सकता है। शरद पवार पीए संगमा पर नकेल कसने के लिए उन्हें कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं।
हालांकि आधिकारिक तौर पर तो कुछ नहीं कहा जा रहा है पर चर्चा है कि शरद पवार को यह तुक्का ज्यादा आसान लग रहा है कि पीए संगमा पर कार्रवाई करने की अपेक्षा अगाथा पर ही कार्रवाई कर दी जाए जिससे पीए संगमा मजबूर होकर राष्ट्रपति चुनाव से अपना नाम वापस ले लें। वैसे यह संभावना कम ही है क्योंकि संगमा ने कह दिया है कि वे किसी भी कीमत अपनी दावेदारी वापस नहीं लेंगे, जब तक उन्हें अन्ना द्रमुक और बीजू जनता दल का समर्थन प्राप्त है।
उधर, संगमा पर चर्चा के लिए गुरुवार को एनसीपी के पदाधिकारियों की बैठक होने जा रही है जहां संगमा पर राष्ट्रपति पद की दौड़ में बने रहने पर संभावित रूप से अनुशासनात्मक कार्रवाई पर मुहर लग सकती है। बताया जा रहा है कि यह बैठक शरद पवार ने बुलाई है। इस बैठक में केन्द्रीय मंत्री अगाथा संगमा को भी बुलाया है। अगाथा ने भी अपने पिता के पक्ष में अभियान चलाया था।
एनसीपी की बैठक ऐसे समय में हो रही है जब भाजपा संगमा का समर्थन करके प्रणव मुखर्जी की उम्मीदवारी को चुनावी चुनौती देने के प्रयास में हैं। संकेत मिल रहे हैं कि अगर संगमा राष्ट्रपति पद की दौड़ से हटने के पार्टी के निर्देश का पालन नहीं करते हैं तो उन पर एनसीपी द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। पार्टी सूत्रों ने यह भी संकेत दिये कि अगर संगमा पार्टी निर्देश नहीं मानते हैं तो अगाथा का मंत्री पद भी छिन सकता है।


















