
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने रोहतक के अपना घर में बाल उत्पीडऩ व यौन शोषण मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने का फैसला किया है। विदित रहे कि हाई कोर्ट द्वारा गठित जांच कमेटी ने भी अपनी रिपोर्ट में मामले की सीबीआई जांच कराए जाने की जरूरत बताई है। उधर, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सभी 103 पीडि़तों का मेडिकल कराने का आदेश दिया है।
यह जांच रोहतक पीजीआइ में ही कराई जाएगी। इस बीच, रोहतक की अदालत ने जसवंती समेत सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत 29 जून तक बढ़ा दी है। शुक्रवार सुबह जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि सरकार अपना घर में रह रहे बच्चों के प्रति बहुत चिंतित है। इसलिए मामले की जांच का कार्य सीबीआइ को सौंपने का निर्णय लिया है।
उधर, हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस एनके सांघी एवं जस्टिस इंद्रजीत वालिया की खंडपीठ ने पीडि़तों का मेडिकल चंडीगढ़ पीजाआइ में कराए जाने की मांग खारिज कर रोहतक पीजीआई में कराए जाने का आदेश दिया है। इस मामले की जांच के लिए गठित एसआइटी के अध्यक्ष एडीजीपी (गृह एवं कानून) महिंद्र ङ्क्षसह मान ने हाईकोर्ट को 6 जून से अब तक की कार्रवाई की रिपोर्ट पेश की।
मान ने साफ किया कि राज्य सरकार मामले की सीबीआइ से जांच कराने को तैयार है। खंडपीठ ने सभी बच्चियों और बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के साथ ही सभी पीडि़तों का एचआइवी टेस्ट कराने का निर्देश दिया। 103 पीडि़तों में से दो बच्चे अपने घर लौट चुके हैं। खंडपीठ ने कहा कि अगर अन्य पीडि़त बच्चे व लड़कियां अपने घर लौटना चाहती हैं तो उनके लिए कोई पाबंदी नहीं है।


















