
मुंबई। अंधेरा होते ही जो शहर जवान होने लगता है उसका नाम है मुंबई। मगर अब मुंबई में रात होते ही सन्नाटा छा जाता है क्योंकि मुंबई में 'वो' घुमता है। वो जब आता है तो सड़कों पर सन्नाटा हो जाता है। वह खौफ का दूसरा नाम बन चुका है। वो नो टॉक और फैसला ऑन द स्पॉट करने में यकीन रखता है। जी हां उसे लोग ढोबले बोलते हैं, एसीपी वसंत ढोबले। 56 वर्षीय बसंत ढोबले मुंबई पुलिस की समाजसेवा शाखा के एसीपी है। ये नाम है जिसे सुनने के बाद बार मालिक, होटल मालिक और जिस्मफरोशी के धंधे में शामिल लोगों के पसीने छूट जाते है।
मगर अब इसी ढोबले की कार्यशैली पर अंगुलियां उठने लगी हैं। दो बहनों ने ढोबले पर आरोप लगाया है कि ढोबले ने उन्हें फर्जी जिस्मफरोशी के आरोप में गिरफ्तार किया है। मालूम हो कि 5 जून को ओशिवारा इलाके के एक रेस्तरां में छापेमारी के बाद ढोबले ने दो बहनों को जिस्मफरोशी के आरोप में महिला सुधारगृह भेज दिया था, लेकिन उन दो बहनों का कहना है कि उस दिन वो सिर्फ जन्मदिन की पार्टी में गई थीं। दोनों ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपनी रिहाई की गुहार लगाते हुए एक-एक करोड़ मुआवजे की मांग की है।
इस मामले में अगली सुनवाई 18 जून को होनी है। इस मामले के सामने आने के बाद एसीपी वसंत ढोबले के खिलाफ मुंबई की हाईप्रोफाइल सोसायटी ने मोर्चा खोल दिया है। बॉलीवुड भी सोशल नेटवर्क साइट के माध्यम से ढोबले की कार्यशैली पर निशाना साधा है। शिवसेना ने तो मुखपत्र सामना में ढोबले को माफिया तक कह दिया है। सामना में लिखा गया है कि बसंत खाकी में छुपा माफिया है। सामना में लिखा गया है कि मुंबई की नाइट लाइफ पर पांवदी लगाने वाला बसंत कौन होता है।
आपको यह भी बता दें कि बसंत पर दाऊद इब्राहिम गैंग की अहम फाइलों को इधर उधर करने का आरोप है। खैर इन आरोपों में कितनी सच्चाई है यह तो बाद में पता चलेगा मगर 18 जून को बसंत की कार्यशैली पर फैसला जरुर हो जायेगा। इतना ही नहीं एक महिला ने ढोबले पर आरोप लगाया है कि पुलिस की गलत कार्रवाई से उसकी जिंदगी तबाह हो गई।


















