
दिल्ली (ब्यूरो)। अंतराराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में कमी औऱ डालर के मुकाबले रुपये में कुछ मजबूती से कयास लगाया जा रहा था कि शुक्रवार की बैठक में तेल कंपनियां उपभोक्ताओं को 1.60 रुपये की राहत दे सकती है पर ऐसा हुआ नहीं पर गोरखपुर में केंद्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने यह जरूर कह कर राहत प्रदान कर दी कि एलपीजी, डीजल व किरासिन की कीमतों में वृद्धि की सरकार की अभी कोई योजना नहीं है।
कयास लगाया जा रहा था कि सरकार डीजल पर तीन रुपये की तत्काल बढोतरी करने जा रही है पर कल आरपीएन सिंह ने इसपर विराम लगा दिया। इसके पीछे जो चर्चा है कि वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के संप्रग के राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में दावेदारी पेश करके सरकार राष्ट्रपति चुनाव तक अब किसी से भी विरोध मोल लेना नहीं चाहती। कारण उसे अन्य साथियों से भले ही समर्थन मिल गए हों पर वह अभी भी जादुई आंकड़े के बहुत करीब नहीं पहुंच पाई है इसलिए उसे वाम दलों का भी समर्थन चाहिए औऱ तेल की कीमतों में वृद्धि करके वह उनकी नाराजगी नहीं मोल लेना चाहती।
हालांकि आरपीएन सिंह ने सरकार के सब्सिडी पर नए एजेंडे की तरफ इशारा किया। उन्होंने कहा कि सरकार सब्सिडी का लाभ आम आदमी को देना चाहती है, लेकिन अमीर भी इसका लाभ उठा रहे हैं। इसपर लगाम लगाने की योजना है। मसलन आने वाले दिनों में सरकार टैक्टर और कार में स्पष्ट अंतर करने वाली है।
केंद्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने कहा, पेट्रोलियम कंपनियां हर 15 दिन पर इस मामले पर बैठक करती हैं। जैसे ही उनको फायदा होगा इसका सीधा लाभ जनता को मिलेगा। इस दौरान उन्होंने अखिलेश सरकार को भी घेरा और कहाकि वह अपने स्तर से करों में कोई कटौती नहीं करती। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें चाहें तो कुछ कटौती करके उपभोक्ताओं को वह फायदा दे सकती है। पर चलिए जैसा भी हो आप राष्ट्रपति चुनाव तक कुछ राहत की सांस ले सकते हैं।





















