
कोलकाता से एक चौकाने वाली खबर आई थी। एशियन गेम का स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाली महिला एथलीट पिंकी प्रमाणिक लिंग परिक्षण के बाद पुरूष निकल गयी। पिंकी के खिलाफ एक महिला ने बलात्कार की शिकायत दर्ज कराई है। महिला ने कहा था कि पिंकी पुरूष है और वह शादी की झासा देकर पिछले कुछ महिनों से बलात्कार कर रहा है।
इस शिकायत ने खेल जगत को झकझोर कर रख दिया है। उसके बाद पिंकी का लिंग परिक्षण कराया गया, जिसकी रिपोर्ट में पिंकी का पुरूष होना सामने आया। बलात्कार के आरोप में पिंकी को गिरफ्तार कर लिया गया था। आपको बता दे कि पिंकी सन 2006 के दोहा एशियाई खेलों में 4 गुणा 400 मीटर की रिले दौड़ में स्वर्ण पदक जीता था।
मेलबर्न राष्ट्रमंडल खेलों में पिंकी ने रजत पदक जीता था। एशियन इनडोर गेम्स (2005 में) स्वर्ण और सैफ गेम्स (2006) में तीन स्वर्ण पदक जीता। कॉमनवेल्थ गेम्स (2006) में पिंकी ने रजत पदक जीता था। अभी दो साल पहले पिंकी ने एथलेटिक्स से सन्यास लिया था। पिंकी का मामला वाकई चौकाने वाला है लेकिन यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी ऐसे दो मामले सामने आ चुके है।
पहला मामला जब महिला एथलीट के महिला होने पर लगा प्रश्नचिन्ह
तमिलनाडु की महिला एथलीट सान्थी सौंदराजन के महिला होने पर भी प्रश्नचिन्ह लगा था। इस मामले में सान्थी ने आत्महत्या भी कर ली थी। उसने दोहा में आयोजित 2006 एशियन गेम्स की 800 मीटर दौड़ में रजत पदक जीता था। इस रेप का नतीजा आने के बाद उसके लिंग पर सवाल उठ गया।
उसका लिंग परिक्षण करवाया गया, जिसमें आया कि सान्थी में एक महिला होने की पूरी विशेषताएं नहीं है। उससे सिल्वर मेडल छीन लिया गया, इससे आहत होकर उसने सितंबर 2007 में आत्महत्या कर ली। सान्थी ने 3000 मीटर स्टीपलचेज रेस (10:44.65) सेकंड में नेशनल रिकॉर्ड बनाया था।
दूसरा मामला जब महिला एथलीट के महिला होने पर लगा प्रश्नचिन्ह
दूसरी एथलीट दक्षिण अफ्रीका की कैस्टर सेमेन्या थी, जिसपर महिला न होने का आरोप लगाया गया था। जिसके कारण विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीता गया स्वर्ण पदक छिन गया था। उसके ऊपर द्विलिंगी होने का आरोप लगाया गया था। उसके बाद यह विवाद एथलीट एसोसिएशन के सिर का दर्द बनकर रह गया। सेमेन्या का भी लिंग परीक्षण कराया गया। काफी उठा-पलट के बाद एथलीट अंतरराष्ट्रीय संघ ने सेमेन्या को महिला टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी थी।


















