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भारत बंद से उग्र लोकतंत्र, जमकर हुड़दंग और जनता हुई तंग

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Published: Thursday, May 31, 2012, 18:16 [IST]

 Bharat Bandh Evokes Mixed Response Across Country

बैंगलोर। पेट्रोल की कीमतों में हुए इजाफे के खिलाफ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और वाम दलों की ओर से आहूत बंद का मिलाजुला असर देखा गया। भाजपा शासित कर्नाटक के अलावा महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में पथराव, आगजनी और सड़क जाम किए जाने की सूचना मिली है। कई जगह तो बसों को आग के हवाले कर दिया गया है। अगर आज दिन भर की बात करें तो एक लाइन में यही कहना सही होगा कि भारत बंद से उग्र लोकतंत्र, जमकर हुड़दंग और जनता हुई तंग।

राष्ट्रीय राजधानी में बंद का ज्यादा असर तो नहीं हुआ लेकिन राजग और वाम दलौं के समर्थकों ने शहर के कई जगहों पर यातायात जाम किया। सुबह के वक्त कई इलाकों में छोटी दुकानें खुली देखी गयीं जबकि कहीं आने जाने वाले लोगों की शिकायत थी कि सड़कों पर बहुत कम तादाद में ऑटो है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में बंद समर्थकों ने शहर के दो उपनगरीय इलाकों में बसों पर पथराव किया। महाराष्ट्र के पुणे में 13, नागपुर और ठाणे में 10 बसों पर पथराव किया गया। सतारा जिले में सड़क जाम कर कई बसें रोक ली गयीं। हालांकि, मुंबई की लोकल ट्रेनें और बसें ज्यादातर हिस्सों में आम दिनों की तरह चलती रही।

इतिहास गवाह रहा है कि आंदोलन के बाद भी कुछ हासिल नहीं हुआ है। उदाहरण के तौर पर मानें तो अन्‍ना के जनांदोलन से भी वह हासिल नहीं हो सका, जिसके लिए जनांदोलन किया गया था। बंद आम जनता के नाम पर आयोजित किए जाते हैं। पर बंद के दिन जनता पर तिहरी मार पड़ती है। उस दिन काम-काज का नुकसान तो होता ही है, बंद समर्थकों द्वारा सार्वजनिक संपत्ति को पहुंचाए गए नुकसान की भरपाई का बोझ भी उसके ऊपर पड़ जाता है। और, जिस समस्‍या से निजात दिलाने के लिए बंद किया जाता है, अगले दिन वह समस्‍या भी जस की तस बनी रहती है। आज के बंद की ही बात करें तो लोग समय पर दफ्तर नहीं पहुंच सके, दिहाड़ी मजदूरों को काम नहीं मिल सका, मरीजों को अस्‍पताल पहुंचने में मुश्किल हो रही है, रेल यात्री जहां-तहां फंसे हुए हैं जनता इस तरह के बंद के थक चुकी है।

एक नजर कुछ बड़े शहरों पर डाल लें जहां कुछ

मुंबई

कार्यालय जाने वालों को टिफिन आपूर्ति करने वाले डब्बावालों ने भी एक दिन छुट्टी ले ली। पुणे में प्रदर्शकारियों ने पुणे नगर परिवहन की 13 बसों को क्षतिग्रस्त कर दिया जबकि नागपुर में 10 और पड़ोसी थाणे जिले में एक बस पर पथराव की जानकारी मिली है। पश्चिमी महाराष्ट्र के सतारा में कार्यकर्ताओं ने कुछ बसों को सड़क बाधित करके रोक दिया। इस बीच मुम्बई विश्वविद्यालय ने घोषणा की है कि आज के बंद के बावजदू उसके परीक्षा कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं होगा। महाराष्ट्र के गृह मंत्री आर आर पाटिल ने कहा कि सरकार बंद के दौरान उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।

उन्होंने पुलिस अधिकारियों से भी बंद के दौरान हिंसा की घटनाओं से सख्ती से निपटने के निर्देश दिये हैं। पुलिस ने बताया कि पुणे के डेक्कन और कोथरुड क्षेत्रों से पथराव की घटनाओं की सूचना मिली है। प्रदर्शनकारियों ने कुछ स्थानों पर टायरों से हवा निकाल दी। हालांकि बसें पुलिस सुरक्षा में चल रही थीं तथा सड़कों पर बड़ी संख्या में रिक्शा भी देखे गए। दुकानें और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आंशिक रूप से बंद रहे।

बिहार

केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल के मूल्य में की गयी बढ़ोतरी और महंगाई के खिलाफ राजग तथा वामपंथी दलों द्वारा आहूत बंद का बिहार में आज व्यापक असर देखा गया और सामान्य जीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्य में पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, सहरसा, भोजपुर, मधेपुरा, दरभंगा, सीतामढी, मधुबनी, मोतिहारी सहित विभिन्न हिस्सों में बंद समर्थकों ने टायर जलाकर सड़क जाम किया, ट्रेनों का परिचालन बाधित किया, दुकानों और प्रतिष्ठानों को बंद कराया।

उत्‍तर प्रदेश

पेट्रोल मूल्यवृद्धि तथा महंगाई के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी :भाजपा: की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन, वामदलों तथा समाजवादी पार्टी :सपा: के आवान पर आज हुए भारत बंद का उत्तर प्रदेश में व्यापक असर देखा जा रहा है। प्रदेश की राजधानी लखनउ समेत राज्य के लगभग सभी हिस्सों में इस बंद का जनजीवन पर खासा असर पड़ा है। बंद के समर्थन में ज्यादातर व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। व्यापारियों ने जगह-जगह जुलूस निकाले, नारेबाजी की और ग्यापन सौंपे।

लखनउ में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल के दामों में हाल में हुई वृद्धि के खिलाफ खासतौर पर नाराजगी जताते हुए पार्टी मुख्यालय के सामने बैलगाड़ी पर बैठकर प्रदर्शन किया। इसके अलावा फिरोजाबाद में बंद समर्थकों द्वारा रेलमार्ग जाम किये जाने की भी खबर मिली है। प्रदेश के बाराबंकी, सुलतानपुर, मिर्जापुर, गोरखपुर, बहराइच, बलिया, सिद्धार्थनगर, वाराणसी, इलाहाबाद, हरदोई, सीतापुर, अलीगढ़, आगरा, मथुरा तथा कानपुर समेत विभिन्न जिलों में बंद का व्यापक असर होने की सूचना प्राप्त हुई है।

पंजाब

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और वाम दलों की ओर से पेट्रोल की कीमतों में हुए इजाफे के विरोध में आहूत बंद से पंजाब में जनजीवन प्रभावित हुआ। लुधियाना, बटाला, कपूरथला, पठानकोट और अमृतसर में दुकानों और बाजारों सहित वाणिज्यक प्रतिष्ठान बंद रहे। हालांकि, कारखाने और दूसरी औद्योगिकी इकाइयां चालू रहीं। बहरहाल, दवा की दुकानें और मेडिकल सेवा प्रदान करने वाली संस्थाएं खुली रहीं। चंडीगढ़ से मिली सूचना के मुताबिक, भाजपा के कई कार्यकर्ताओं ने चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन की पटरियों के पास विरोध प्रदर्शन किया जिससे नयी दिल्ली-चंडीगढ़-कालका हिमालयन क्वीन ट्रेन को रेलवे स्टेशन से ठीक पहले रुकना पड़ा और इसकी वजह से कई यात्री फंसे रहे ।

English summary
The nationwide bandh called by the NDA and Left parties to protest the petrol price hike on Thursday evoked a mixed response amid incidents of stone pelting, arson and road blockades in Karnataka, Maharashtra and West Bengal. In the national capital, the bandh did not evoke much response related stories.
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