
दिल्ली। सरकारी टीचरों की तैनाती और उनकी सैलरी को लकर हरियाणा सरकार के शिक्षा विभाग ने एक अजीबोगरीब फैसला सुनाया है। इस फैसले के मुताबिक अग महिला टीचर गर्भवती है तो उसे एक साल तक कहीं भी पोस्टिंग नहीं दी जायेगी। ऐसे में साफ है कि उन्हें वेतन भी नहीं मिलेगा। फैसले के मुताबिक ज्वाइनिंग से पहले महिला टीचरों को मेडिकल सर्टिफिकेट देना होगा जिसमें यह सारी रिपोर्ट होंगी।
वहीं सरकार के इस फैसले पर टीचरों ने कड़ा ऐतराज जताया है और कहा है कि किसी भी महिला का मां बनना कुदरती बात है। ऐसे में राज्य सरकार तैनाती ना देने का फैसला देकर वेतन बचानी चाहती है। विभाग की मानें तो नौकरी ज्वाइनिंग करते समय अगर कोई महिला 12 हफ्ते की गर्भवती है तो उसे तैनाती नहीं मिलेगी। उसके बाद उसे एक साल तक का इंतजार करना होगा। इस दौरान उसे वेतन भी नहीं दिया जायेगा।
हर महिला को ज्वाइनिंग से पहले मेडिकल सर्टिफिकेट देना होगा। सरकार के इस फैसले के बाद से महिला टीचरों ने खासा नारजगी व्यक्त की है। राज्य अध्यापक संघ के मुताबिक सरकार की तरफ से 180 दिन की मैटरनिटी छु्ट्टी मिलती ही हैं लेकिन सरकार इस नए नियम के जरिए इतने दिनों का वेतन बचाने की कोशिश कर रही है। अध्यापक महासंघ के नेताओं ने राज्य की शिक्षामंत्री से मिलकर अपना विरोध जता दिया है और चेतावनी दी है कि अगर सरकार ये फैसला वापस नहीं लेती तो फिर आंदोलन होगा।


















