
दिल्ली (ब्यूरो)। सुबह उत्तर प्रदेश के प्रबुद्धनगर से खबर आयी कि एक युवक ने चार साल की बच्ची को अपनी हवस का शिकार बना डाला। आये दिन ऐसी खबरें आम होती जा रही हैं। लिहाजा केंद्र सरकार बलात्कारियों पर लगाम लगाने की तैयारी कर चुकी है। इसके लिए वह एक बिल लाने जा रही है, जिसके अंतर्गत 18 साल से कम उम्र यानी नाबालिग लड़की से रेप करने पर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। यही नहीं नाबालिग के संग सहमति से सेक्स भी रेप माना जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देश में बढ़ते बलात्कार की घटनाओं के मद्देनजर सरकार एक बिल लाने जा रही है। जिसके अंतर्गत नाबालिग के साथ सेक्स संबंध बनाने या उसके साथ छेड़छाड़ पर भी उम्रकैद की सजा हो सकती है। वहीं बच्चों संग अपराध को कम करन के लिए भी सरकार सक्रिय हुई है। इसलिए आज की कैबिनेट की बैठक में इसपर चर्चा होने की उम्मीद है।
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बताया जा रहा है कि इनके लिए जो बिल लाया जा रहा है कि उसमें सरकार बच्चों के खिलाफ यौन अपराध के दोषी को 3 साल से लेकर उम्रकैद की सजा का प्रावधान कर सकती है। इसके अंतर्गत यौन उत्पीड़न, यौन अपराध और शील भंग को गंभीर अपराध माना जाएगा और इसके लिए सिर्फ आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।
सूत्रों ने बताया कि विधेयक में संसदीय समिति ने सहमति की उम्र (16) को भी मानने से इंकार कर दिया है। यानी इस दौरान भी यदि किसी ने सहमति से भी किसी के साथ संबंध स्थापित किया जो उसे रेप ही माना जाएगा औऱ उसे कड़ी सजा दी जाएगी। गौरतलब है कि अभी तक 16 साल की उम्र में सेक्स संबंध स्थापित करने पर उसे रेप की श्रेणी में नहीं रखा गया था।


















