
लखनऊ। शहर का भीड़-भाड़ वाले इलाके अमीनाबाद में उस वक्त गोलियों की आवाज से गुंज गयी जब बीच-सड़क पर मोटरसाइकिल सवार दो युवक ने हिस्ट्रीशीटीर युनुस उर्फ टेनू को गोलियों से भून डाला। हत्या को अंजाम देने के बाद मोटरसाइकिल सवार हत्यारे हवा में फायरिंग करते हुए कैसरबाग की तरफ भाग गए। पुलिस के अनुसार मारे गए युनुस के खिलाफ राजधानी में 16 अपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस इस सनसनीखेज घटना के पीछे आपसी रंजिश बता रही है।
अमीनाबाद के गन्ने वाली गली निवासी 48 वर्षीय युनुस उर्फ टेनू बुधवार की दोपहर करीब 1 बजे घर से लाटूस रोड स्थित गीता भवन के पास पान खाने के लिए गया था। युनुस गोपाल पान भंडार पर पाना खाकर वहीं खड़ा था। इसी बीच नाका की तरफ से मोटरसाइकिल सवार दो युवक आकर उसके पास रूके। युनुस कुछ समझ पाता इससे पहले ही मोटरसाइकिल सवार युवकों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी।
बीच-सड़क पर गोली चलने से वहां अफरा-तफरी मच गयी। सड़क पर मौजूद लोग इधर-उधर भागने लगे। मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने युनुस को पांच गोलियां मारी। तीन गोलियां उसके सीने और दो गोलियां सिर पर लगी। खून में लथपथ युनुस सड़क पर गिर पड़ा और उसने मौके पर दम तोड़ दिया। युनुस को गोली मारने के बाद हमलावरों ने खुद के बचाव में हवा में फायरिंग की और मोटरसाइकिल से कैसरबाग चौराहे की ओर भाग गए।
लाटूश रोड पर गोली चलने की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। युनुस की हत्या की खबर मिलते ही घटनास्थल के पास भीड़ जमा हो गयी और लोग हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। पुलिस के आश्वासन के बाद लोग शांत हुए। फिलहाल इस मामले में युनुस के घरवालों ने किसी के खिलाफ कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं करायी है। युनुस के दो भाई सईद और अनीस भी हिस्ट्रीशीटर हैं। पुलिस का कहना है कि हत्या आपसी रंजिश के कारण हुई क्योंकि इससे पूर्व टेनी ने कई लोगों पर जानलेवा हमले किए तथा वर्ष 1984 में सुभाष नाम के एक व्यक्ति की हत्या भी की थी।

















