
दिल्ली (ब्यूरो)। भले ही अभिषेक मनु सिंघवी को सीडी प्रकरण में किसी का साथ मिला हो या न मिला हो पर उन्हें केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद का साथ जरूर मिला है। संसद भवन के बाहर पत्रकारों से बातचीत में खुर्शीद ने कहा, हमें इस पर विचार करना चाहिए कि इस प्रकरण का संसदीय कार्यप्रणाली से कोई लेना-देना है या फिर यह एक नागरिक के निजी जीवन का मामला है। मुझे लगता है कि जहां हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है वहां दखलंदाजी नहीं करनी चाहिए।
सवालों की बौछार के बीच खुर्शीद ने कहा कि अगर ये प्रश्न सार्वजनिक जीवन से जुड़े होते तो उन्हें उठाया जाना उचित होता। खुर्शीद ने कहा कि हर शख्स को ऐसे मामलों में संतुलित नजरिया अपनाना चाहिए। यह सिद्धांत व्यक्ति पर भी लागू होता है और मीडिया पर भी। हमें हर मामले में एक ही ढंग से नहीं सोचना चाहिए।
सिंघवी सीडी प्रकरण को संसद में उठाए जाने का पुरजोर विरोध करते हुए कानून मंत्री ने कहा कि सांसदों को सिर्फ जनहित से जुड़े मुद्दों को ही सदन में उठाना चाहिए। जब उनसे यह पूछा गया कि कांग्रेस ने कर्नाटक विधान सभा में अश्लील क्लिप देख रहे विधायकों का विरोध क्यों किया था, तो खुर्शीद ने कहा कि जब कोई सदस्य सदन में उपस्थित होता है तो यह उसका निजी मामला नहीं होता है।
उधर, सीडी प्रकरण पर भाजपा अभी भी अपनी अपनी मांग पर अड़ी हुई है कि सिंघवी को इस मामले में स्पष्टीकरण देना चाहिए, लेकिन बकौल खुर्शीद हमें सार्वजनिक और निजी जीवन के बीच फर्क करना चाहिए। इन दोनों के बीच संतुलन जरूरी है।


















