
दिल्ली। ब्रेड जैम खाने की सलाह देकर भक्तों का दुख दूर करने वाले निर्मल जीत सिंह नरूला उर्फ निर्मल बाबा पर अब एक नया आरोप लगा है। आरोप यह है कि समागम और दसवंद के नाम पर पैसे वसूलने वाले बाबा चढ़ावा भी लेते हैं। साफ शब्दों में कहें तो निर्मल बाबा के समागम में आने के लिए भक्तों को सिर्फ दो हजार रुपये ही जमा नहीं करने पड़ते बल्कि उसके बाद भी उन्हें पैसे चुकाने पड़ते हैं जिसे चढ़ावा का नाम दिया गया है।
इस बात का खुलासा इंडिया टीवी न्यूज चैनल ने किया है। इंडिया टीवी ने बीते 18 अप्रैल को दिल्ली में हुए निर्मल बाबा के समागम की रिकॉर्डिंग जारी किया है। इस वीडियो में साफ दिखाया गया है कि समागम खत्म होने के बाद भक्त एक-एक कर निर्मल बाबा के मंच के पास जाते हैं। यहां अपनी शक्ति के अनुसार, 100 रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक का चढ़ावा देते हैं।
बदले में उन्हें प्रसाद के नाम पर इलाइची दाना और बाबा की तसवीर दी जाती है। मंच पर ही बाबा के इर्द-गिर्द कुछ बाउंसर (सुरक्षाकर्मी) होते हैं। वे इन पैसों को एक बैग में रखते हैं। चढ़ावे की रकम कोई निश्चित नहीं है। यह राशि पूरी तरह भक्तों की शक्ति और इच्छा पर निर्भर करती है। एक अनुमान के अनुसार, निर्मल बाबा के दरबार में 3500 लोग जुटते हैं। इस तरह प्रति भक्त औसतन 100 रुपये का चढ़ावा माना जाये, तो एक समागम से बाबा को 3 लाख 50 हजार रुपये सिर्फ चढ़ावे के रूप में मिलते हैं।


















