
दिल्ली (ब्यूरो)। आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे पर सोमवार को दिल्ली में मुख्यमंत्रियों का सम्मेलन शुरू हो गया। इस बैठक का शुभारंभ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने किया। पर जिस बात की आशंका थी वही हुआ। इस बैठक में भी यूपीए की सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी तृणमूल कांग्रेस की मुखिया और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शिरकत नहीं किया। हालांकि उनके प्रतिनिधि के रूप में राज्य के वित्त मंत्री अमित्र मित्रा अगुवाई कर रहे हैं। सूबे के मुख्य सचिव समर घोष और गृह सचिव बासुदेव बंद्योपाध्याय भी मित्रा के साथ दिल्ली आएं हैं। वैसे चर्चा है कि जब 5 मई को एनसीटीसी के मुद्दे पर बैठक होगी तब वह बैठक में मौजूद रह सकती हैं।
सूत्र बता रहे है कि इस बाबत बंगाल प्रशासन ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को सूचित कर दिया है। मुख्यमंत्री के बैठक में भाग नहीं लेने के कारणों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। पर इसे केंद्र के साथ ममता की बढ़ती दूरियों को जरूर देखा जा रहा है। वैसे भी दिनेश त्रिवेदी का कांग्रेस प्रेम भी ममता को कांग्रेस के प्रति अपनी धारणा बदलने पर मजबूर कर रहा है।
सूत्र बता रहे है कि आज ही गृह मंत्री पी चिदंबरम नक्सली समस्या पर मुख्यमंत्रियों के साथ अलग से बैठक कर सकते हैं जिसमें अमित मित्रा के साथ मुख्य सचिव और गृह सचिव राज्य का पक्ष रखेंगे। राइटर्स बिल्डिंग के सूत्रों के मुताबिक पिछले सप्ताह ही ममता ने योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया के साथ दिल्ली में बैठक कर लौटी हैं इसलिए उन्होंने इस बार मित्रा को भेजने का निर्णय किया। केंद्र ने आंतरिक सुरक्षा व कानून व्यवस्था सहित नौ विषयों पर चर्चा करने को राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया है। पांच मई को सिर्फ एनसीटीसी के मुद्दे पर बैठक होगी। आपको बता दें कि आंतरिक सुरक्षा पर होने वाली बैठक में ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी आए हुए हैं।


















