
मुंबई। एयर इंडिया की कर्मचारी यूनियनों ने वेतन नहीं मिलने की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से शिकायत करते हुए दो अप्रैल से हड़ताल पर जारे की धमकी दी है। यूनियनों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर कहा है कि कर्मचारियों को वेतन रूकने से होने वाली पीड़ा असहनीय हो गयी है। उन्होंने सिंह से इस मामले हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए कहा है कि अगर उनकी मांग न मानी गयी तो वे 2 अप्रैल से हड़ताल पर चले जाएंगे।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को दिए एक संयुक्त ज्ञापन में यूनियनों ने कहा कि हम ज्यादा दिनों तक यह पीड़ा सहने की स्थिति में नहीं हैं जो हमें बगैर किसी गलती के दी जा रही है। इसलिए, हम दोहराते हैं कि अगर प्रबंधन हमारी जायज तनख्वाह रोके रखता है तो हम 2 अप्रैल से काम करनं में समर्थ नहीं होंगे।
हम आपसे स्थिति संभालने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की अपील करते हैं। उल्लेखनीय है कि यूनियनों ने आज हुई एक बैठक में ऋण के बोझ तले दबी एयर इंडिया से किसी तरह का ठोस प्रस्ताव नहीं मिलने पर हड़ताल पर जाने का निर्णय किया। विमानन कंपनी की 13 पंजीकृत यूनियनों में से 8 यूनियन के नेताओं के हस्ताक्षर हैं।
इससे पहले, गत बृहस्पतिवार को हुई बैठक के बाद प्रबंधन ने कर्मियों के बकाए वेतन का 29 मार्च से क्रमबद्ध तरीके से भुगतान करने का एक लिखित आश्वासन दिया था। पायलटों को छोड़कर ज्यादातर कर्मी इस पर सहमत थे। पायलट एक अप्रैल तक अपने संपूर्ण बकाए के भुगतान की मांग कर रहे है।
अजित सिंह ने कहा कि एयर इंडिया के कर्मचारियों को इस बात का एहसास है कि वे अन्य विमानन कंपनियों के कर्मचारियों से बेहतर स्थिति में हैं। आंदोलनकारी कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले तीन महीने से वेतन एवं भत्तों का भुगतान नहीं किया गया है। यूनियनों ने कहा है कि कर्मचारियों को वेतन रूकने से होने वाली पीड़ा असहनीय हो गयी है।
उन्होंने सिंह से इस मामले हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए कहा है कि अगर उनकी मांग न मानी गयी तो वे 2 अप्रैल से हड़ताल पर चले जाएंगे। प्रधानमंत्री सिंह को दिए एक संयुक्त ग्यापन में यूनियनों ने कहा कि हम ज्यादा दिनों तक यह पीड़ा सहने की स्थिति में नहीं हैं जो हमें बगैर किसी गलती के दी जा रही है।
इसलिए, हम दोहराते हैं कि अगर प्रबंधन हमारी जायज तनख्वाह रोके रखता है तो हम 2 अप्रैल से काम करने में समर्थ नहीं होंगे। हम आपसे स्थिति संभालने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की अपील करते हैं। उल्लेखनीय है कि यूनियनों ने आज हुई एक बैठक में ण के बोझ तले दबी एयर इंडिया से किसी तरह का ठोस प्रस्ताव नहीं मिलने पर हड़ताल पर जाने का निर्णय किया।
ज्ञापन पर विमानन कंपनी की 13 पंजीकृत यूनियनों में से 8 यूनियन के नेताओं के हस्ताक्षर हैं। इससे पहले, गत बृहस्पतिवार को हुई बैठक के बाद प्रबंधन ने कर्मियों के बकाए वेतन का 29 मार्च से क्रमबद्ध तरीके से भुगतान करने का एक लिखित आश्वासन दिया था। पायलटों को छोड़कर ज्यादातर कर्मी इस पर सहमत थे। पायलट एक अप्रैल तक अपने संपूर्ण बकाए के भुगतान की मांग कर रहे है।


















