
नई दिल्ली। मशहूर विमानन कंपनी किंगफिशर को फौरी तौर पर राहत मिल गयी है। डीजीसीए किंगफिशर का लाइसेंस रद्द नहीं करेगी। अल्टीमेटम दिये जाने के बाद मंगलवार को किंगफिशर कंपनी के मालिक विजय माल्या डीजीसीए के सामने पेश हुए।
उनके साथ किंगफिशऱ के सीईओ संजय अग्रवाल भी थे।
विजय माल्या ने डीजीसीए के सामने वादा किया वो बहुत जल्द अपनी माली हालत से उबर जायेंगे और वित्तिय समस्याएं उत्पन्न हुई हैं उनसे निजात पा लेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि तंगी के चलते एयरलाइन सुरक्षा नियमों से अनदेखी नहीं कर रही है। साथ ही विजय माल्या ने डीजीसीए को किंगफिशर की उड़ानों का नया शेड्यूल भी सौंपा है।
लेकिन हालात अभी भी किंगफिशर के पक्ष में ना होने के कारण किंगफिशर की सारी विदेशी उड़ानें रद्द कर दी गयी है। 25 मार्च से यह लागू हो जायेगी। आपको बता दें कि पिछले तीन महीने से किंगफिशर के कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है जिसके कारण पायलटों ने काम ना करने का ऐलान कर दिया था। काफी लोग कंपनी छोड़ कर चले गये है। वहीं सरकार की ओर से भी किंगफिशर को लाल झंडी दिखायी गयी है उसने कंपनी के ऊपर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है।


















