
लखनऊ। समाजवादी पार्टी की सरकार के आते ही सबसे पहली गाज मायावती पर गिरी है। सपा ने आते ही सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री व बसपा सुप्रीमो की सुरक्षा में कटौती कर दी है। हालांकि जेड-प्लस सुरक्षा कायम रहेगी। सुरक्षा में कमी आना माया के लिए किसी इमोश्नल अत्याचार से कम नहीं है।
एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने आज यहां बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के लखनऊ तथा दिल्ली स्थित आवासों पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की संख्या घटा दी गयी है। इसके पूर्व, उनकी सुरक्षा में करीब 400 कर्मी तैनात थे। मायावती के काफिले में शामिल वाहनों की संख्या में भी कटौती की गयी है। इस बीच, प्रदेश की नवनिर्वाचित सपा सरकार के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सुरक्षा उनके ओहदे के हिसाब से बढ़ा दी गयी है।
अगर मायावती की गतिविधियों की बात करें तो वो इस समय चुनाव की समीक्षा की तैयारी कर रही हैं। रविवार को वो बसपा के पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगी, जिसमें हार के कारणों की समीक्षा की जायेगी। हालांकि सूत्रों के मुताबिक वो राज्यसभा जाने की तैयारी भी कर रही हैं।


















