
नई दिल्ली/बेंगलुरू। अरूणांचल प्रदेश को लेकर एक बार फिर भारत और चीन के बीच का मतभेद खुलकर सामने आ रहा है। केंद्रीय रक्षामंत्री एके एंटनी के अरूणाचल प्रदेश को दौरे पर आपत्ति जताई थी, एंटनी ने इस घटना पर हैरानी व्यक्त करते हुए कहा कि चीन का ऐसा सोचना वाकई दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक है।
विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि घरेलू मामले में चीन को बोलने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने चीन को याद दिलाते हुए कहा कि अरूणांचल प्रदेश भारत का अभिन्ना हिस्सा है, और भारतीय मामलों में बाहर का हस्तरक्षेप बर्दास्त नहीं करेंगे। किसी को भी इसपर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी इटानगर में आयोजित राज्य के रजत जयंती समारोह में भाग लेने पहुंचे एंटनी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कि हम सीमावर्ती क्षेत्रों में रह रहे लोगों की चुनौतियों के प्रति सावधान हैं, और हम अन्य क्षेत्रों की तरह सीमा क्षेत्रों का विकास करेंगे। चीनी विदेशी मंत्रालय के प्रवक्ता हांग ली ने कहा था कि भारत को सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति तथा स्थिरता के लिए चीन के साथ मिलकर काम करना चाहिए।


















