नई दिल्ली। एक बड़ी खबर पाकिस्तान से है,जहां के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सारे आरोप तय हुए हैं। गिलानी पर एनआरओ मामले में अदालत की अवनमानना का आरोप है। प्रधानमंत्री गिलानी के खिलाफ दो पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में पेश की गयी।
जिसको इत्मीनान से पढ़ने के बाद गिलानी ने अपनी बात कहने के लिए अदालत से वक्त मांगा जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें वक्त दिया है। 22 फरवरी को वीडियो गवाही होगी और 27 फरवरी को तमाम गवाही पेश होने के बाद फैसला सुनाया जायेगा। सात जजों की बेंच ने गिलानी पर आरोप तय किए। गिलानी ने एक बार फिर से अपने आप को बेकसूर बताया। आपको बता दें कि गिलानी देश के पहले पीएम है जिनके ऊपर आरोप तय हुए हैं।
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के मामलों को फिर से खोलने के लिए बार-बार दिए गए आदेशों का पालन न करने पर सुप्रीम कोर्ट ने गिलानी पर अवमानना के आरोप लगाए हैं। जिस पर आज आरोप तय हुए हैं।
अगर इस अवमानना मामले में गिलानी दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें 6 महीने की सजा हो सकती है और उन्हें 5 साल तक सार्वजनिक पद पर के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है। देखना दिलचस्प होगा कि गिलानी अब इस्तीफा देते हैं कि नहीं हालांकि गिलानी पहले ही कह चुके हैं कि उनके इस्तीफे की नौबत नहीं आयेगी, वो बेकसूर हैं।
जिसको इत्मीनान से पढ़ने के बाद गिलानी ने अपनी बात कहने के लिए अदालत से वक्त मांगा जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें वक्त दिया है। 22 फरवरी को वीडियो गवाही होगी और 27 फरवरी को तमाम गवाही पेश होने के बाद फैसला सुनाया जायेगा। सात जजों की बेंच ने गिलानी पर आरोप तय किए। गिलानी ने एक बार फिर से अपने आप को बेकसूर बताया। आपको बता दें कि गिलानी देश के पहले पीएम है जिनके ऊपर आरोप तय हुए हैं।
Read: In English
पाकिस्तान में कोर्ट के इस कदम के बाद देश में फिर से राजनीतिक संकट बढ़ गया है जिसका असर भारत पर भी पड़ेगा ऐसा राजनीतिक पंडितों का भी कहना है। यूसूफ रजा गिलानी को गहरा झटका देते हुए पाकिस्तान के प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी की अगुवाई में सुप्रीम कोर्ट ने पिछले शुक्रवार को उनकी वह अपील खारिज कर दी थी, जो उन्होंने खुद पर अवमानना संबंधी आरोप लगाए जाने के खिलाफ की थी।राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के मामलों को फिर से खोलने के लिए बार-बार दिए गए आदेशों का पालन न करने पर सुप्रीम कोर्ट ने गिलानी पर अवमानना के आरोप लगाए हैं। जिस पर आज आरोप तय हुए हैं।
अगर इस अवमानना मामले में गिलानी दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें 6 महीने की सजा हो सकती है और उन्हें 5 साल तक सार्वजनिक पद पर के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है। देखना दिलचस्प होगा कि गिलानी अब इस्तीफा देते हैं कि नहीं हालांकि गिलानी पहले ही कह चुके हैं कि उनके इस्तीफे की नौबत नहीं आयेगी, वो बेकसूर हैं।













