लखनऊ। देश की मुख्य समस्या बने नक्सलवाद के लिए बहुजन समाज पार्टी ने कांग्रेस को दोषी बताया है। बसपा प्रमुख व यूपी की मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि कांग्रेस सहित अन्य दलों ने रोजगारपरक रणनीति को दरकिनार कर दिया जिस कारण लोग नक्सलवादी बनने को मजबूर हुए हैं। विधानसभा चुनाव प्रचार में जुटी मायावती ने चुनावी जनसभाओं में इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाते हुए इसके लिए कांगे्रस को दोषी करार दिया।
उन्होंने कहा कि विन्ध्याचल मण्डल काफी पिछड़ा हुआ है। आदिवासी बाहुल्य इस क्षेत्र में गरीबी और बेरोजगारी ज्यादा है। कांग्रेस सहित अन्य सियासी दल इस क्षेत्र को लेकर राजनीति तो करते हैं लेकिन यहां की मु य समस्याओं पर ध्यान नहीं देते। कोई ठोस विकासात्मक रणनीति नहीं बनाये जाने तथा इन्हें रोजी-रोटी के साधन मुहैया नहीं कराये जाने के कारण यहां के लोग गलत रास्तों पर चलकर नक्सली बनने पर मजबूर हुए। उन्होंने कांग्रेस के साथ भाजपा पर भी इसका दोष मढ़ते हुए कहा कि इस आदिवासी क्षेत्र में नक्सलवादी पनपने के लिए कांग्रेस व भाजपा जैसी पाॢटयां ही पूरी तरह जि मेदार हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार नक्सलवाद को कानून व्यवस्था की समस्या न मानकर इसे आॢथक एवं सामाजिक समस्या के रुप में देखती रही। मायावती ने कहा कि उनकी सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली, पेयजल, पट्टा तथा राशन वितरण आदि सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाने के गंभीर प्रयास किये गये। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के फलस्वरुप यहां के लोगों में सरकार के प्रति विश्वास की भावना पैदा हुई।
उनकी सरकार ने नक्सलवाद का जवाब विकास से देकर नक्सली घटनाओं पर काबू पाने में बडी सफलता प्राप्त की। मायावती ने कहा कि उनकी सरकार ने इस क्षेत्र के लिए स्पेशल इन्सेंटिव एरिया पैकेज देने का अनुरोध किया था लेकिन केन्द्र सरकार वास्तव में इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं चाहती और इसीलिए इस महत्वाकांक्षी पैकेज पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गयी। उन्होंने इसे एक ग भीर समस्या बताते हुए कहा कि नक्सलवाद को रोकने की बजाय अन्य दल इसे बढ़ावा दे रहे हैं जो देश के लिए घातक है।
उन्होंने कहा कि विन्ध्याचल मण्डल काफी पिछड़ा हुआ है। आदिवासी बाहुल्य इस क्षेत्र में गरीबी और बेरोजगारी ज्यादा है। कांग्रेस सहित अन्य सियासी दल इस क्षेत्र को लेकर राजनीति तो करते हैं लेकिन यहां की मु य समस्याओं पर ध्यान नहीं देते। कोई ठोस विकासात्मक रणनीति नहीं बनाये जाने तथा इन्हें रोजी-रोटी के साधन मुहैया नहीं कराये जाने के कारण यहां के लोग गलत रास्तों पर चलकर नक्सली बनने पर मजबूर हुए। उन्होंने कांग्रेस के साथ भाजपा पर भी इसका दोष मढ़ते हुए कहा कि इस आदिवासी क्षेत्र में नक्सलवादी पनपने के लिए कांग्रेस व भाजपा जैसी पाॢटयां ही पूरी तरह जि मेदार हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार नक्सलवाद को कानून व्यवस्था की समस्या न मानकर इसे आॢथक एवं सामाजिक समस्या के रुप में देखती रही। मायावती ने कहा कि उनकी सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली, पेयजल, पट्टा तथा राशन वितरण आदि सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाने के गंभीर प्रयास किये गये। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के फलस्वरुप यहां के लोगों में सरकार के प्रति विश्वास की भावना पैदा हुई।
उनकी सरकार ने नक्सलवाद का जवाब विकास से देकर नक्सली घटनाओं पर काबू पाने में बडी सफलता प्राप्त की। मायावती ने कहा कि उनकी सरकार ने इस क्षेत्र के लिए स्पेशल इन्सेंटिव एरिया पैकेज देने का अनुरोध किया था लेकिन केन्द्र सरकार वास्तव में इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं चाहती और इसीलिए इस महत्वाकांक्षी पैकेज पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गयी। उन्होंने इसे एक ग भीर समस्या बताते हुए कहा कि नक्सलवाद को रोकने की बजाय अन्य दल इसे बढ़ावा दे रहे हैं जो देश के लिए घातक है।














